पिथौरागढ़
क्रांतिकारी भगवती चरण बोहरा आज ही (28 मई) भगत सिंह व साथियों को जेल से छुड़ाने के लिए बम परीक्षण करते शहीद हो गये। 
यह विचार व्यक्त करते हुए सामाजिक कार्यकर्त्ता व डॉ. तारासिंह ने कहा साथियों ने शहीद को वहीं दफना दिया।
भगवती चरण बोहरा की पुण्यतिथि पर आज नेडा में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में डॉ. तारासिंह ने कहा लाहौर से दूर, रावी नदी के तट पर घने जंगल में बम परीक्षण करते बोहरा का हाथ उड़ गया।
अत्यधिक खून बहने, कोई चिकित्सा सुविधा न होने से उन्होंने साथी क्रांतिकारियों से विदाई ले ली।
तारासिंह ने कहा 1930 की वह काली रात देश भक्तों को छीन ले गई और आजादी के बाद हमने उस वीर को भुला दिया।
इस दौरान नीलम शर्मा ने कहा आजादी के लिए एक से बढ़कर एक लोगों ने बलिदान दिए हमें उनको याद रखना चाहिए।
इस अवसर पर केदार सिंह, ओम मेहता, सुनीता ओली, चेतन भट्ट, रेखा शर्मा, किरण सौराड़ी, मयंक, आदित्य खालिया, प्रत्यक्ष तेजस तरोड़ी, सूर्य प्रताप, गर्वित आदि मौजूद।














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