पिथौरागढ़ – राज्य आंदोलनकारी निर्मल पंडित को उनकी 28 वीं पुण्यतिथि पर शहीद स्मारक निकट रामलीला मैदान में स्थित मूर्ति पर माल्यार्पण कर विभिन्न संगठनों के लोगो द्वारा भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।
श्रद्धांजलि सभा में बोलते हुये वक्ताओं ने कहा कि निर्मल पंडित ने 27 मार्च 1998 को शराब ठेको कि नीलामी के विरोध में कलेक्ट्रेट परिसर में आत्मदाह कर लिया था। बुरी तरह झुलस चुके पंडित को के. जी. एम. सी. लखनऊ ले जाया गया। बेहतर इलाज के लिये उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती किया गया। जहाँ पर 16 मई 1998 को उन्होंने अंतिम सांस ली। छात्रों व आम लोगो के बीच लोकप्रिय पंडित ने राज्य आंदोलन के दौरान कफन से बने कपड़े भी पहन लिये थे।
निर्मल पंडित राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के दो बार छात्र संघ सचिव व एक बार अध्यक्ष रहने के साथ चिटगल जिला पंचायत सीट से जिला पंचायत सदस्य भी रहे। वक्ताओं ने कहा कि पंडित कि शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
जुगल किशोर पाण्डे के संचालन में हुये कार्यक्रम में डी.एन.भट्ट, रामसिंह बिष्ट, बलदिया गिरधर सिंह बिष्ट, राजेन्द्र वनका, रमेश बिष्ट, जितेन्द्र बिष्ट, तिलक राज पाठक, नीरज कोठारी, डेरेस वास्टन, मनोज जोशी, पवन पाटनी, कृष्णाबम, धनीराम चन्याल, जनार्दन उप्रेती, विशन सिंह माहरा, हरेन्द्र कुंवर, गोविन्द बल्लभ उपाध्याय उपस्थित रहे।














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