पिथौरागढ़
नारायणनगर, पिथौरागढ़। दिनांक 4 नवंबर 2026 को संत नारायण स्वामी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नारायणनगर, में नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न रचनात्मक एवं शैक्षिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर डॉ. प्रेमलता कुमारी ने की।
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों में गंगा नदी के संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरणीय जागरूकता तथा नदियों के प्रति सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने के उद्देश्य से निबंध लेखन, पोस्टर मेकिंग एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए अपनी रचनात्मकता, विचारशीलता एवं अभिव्यक्ति कौशल का प्रदर्शन किया।
निबंध प्रतियोगिता में भूपेंद्र कुमार (बी.ए. प्रथम सेमेस्टर) ने प्रथम, योगेंद्र सिंह बोरा(बी.ए. प्रथम सेमेस्टर) ने द्वितीय तथा दिया (बी.ए. पंचम सेमेस्टर) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में प्रिया ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। चाँदनी ने द्वितीय तथा योगेश सिंह बोरा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विद्यार्थियों ने पोस्टरों के माध्यम से गंगा संरक्षण, स्वच्छता एवं पर्यावरण सुरक्षा का प्रभावशाली संदेश प्रस्तुत किया।
भाषण प्रतियोगिता में अंकित भट्ट ने प्रथम, मोहम्मद अनस ने द्वितीय तथा योगेंद्र ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रतिभागियों ने अपने विचारों के माध्यम से गंगा की सांस्कृतिक, धार्मिक एवं पर्यावरणीय महत्ता पर प्रकाश डालते हुए इसके संरक्षण की आवश्यकता को रेखांकित किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर डॉ. प्रेमलता कुमारी ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि गंगा एवं अन्य नदियों का संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में डॉ. मनीष बेलवाल ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने गंगा नदी के संरक्षण, स्वच्छता एवं पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूक एवं संवेदनशील बनने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वयन नमामि गंगे कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. दिनेश कोहली द्वारा किया गया। उन्होंने कुशलतापूर्वक मंच संचालन करते हुए विद्यार्थियों को नमामि गंगे अभियान के उद्देश्यों एवं नदी संरक्षण के महत्व से अवगत कराया। कार्यक्रम को सफल एवं सुव्यवस्थित बनाने में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को नमामि गंगे अभियान की भावना से जोड़ते हुए उनमें जल संरक्षण, स्वच्छता एवं पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना रहा। इस प्रकार कार्यक्रम विद्यार्थियों में पर्यावरणीय चेतना एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने की दिशा में एक सार्थक पहल सिद्ध हुआ।














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