पिथौरागढ़ – आज युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव ऋषेन्द्र महर द्वारा NEET UG पेपर लीक होने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सरकार और पेपर लीक माफिया के बीच गठजोड़ का आरोप लगाया।
महर ने कहा कि 3 मई को NEET की परीक्षा हुई थी जिसका पेपर लीक हुआ और NTA द्वारा पेपर को रद्द कर री एग्जाम की बात कही, लेकिन प्रश्न यह उठता है कि पेपर लीक का जिम्मेदार कौन है ।
इससे पहले भी 2024 में पेपर लीक हुआ था और उस समय जो NTA के DG थे उसे सरकार ने आज छत्तीसगढ़ में भाजपा के मुख्यमंत्री का मुख्य सचिव बना दिया यह बताता है कि भाजपा सरकार में पेपर लीक माफियाओं को संरक्षण मिल रहा है।
अब पुलिस ने भाजपा नेता दिनेश बिंगवाल को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है ,यह बताता है कि भाजपा और पेपर माफियाओं का गठजोड़ पहले से बना है इसका जीता जागता उदाहरण उत्तराखंड में हाकम सिंह जैसे लोग है जो भाजपा के नेता है।
10 साल में लगभग 89 पेपर लीक हुए है जिसमें 48 बार री एग्जाम हुआ है, और 4 बार तो NEET का पेपर लीक हुआ है।
यह सरकार की नाकामी दिखाता है , शिक्षा मंत्री ने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए।
हमारी मांग है कि NTA एक प्राइवेट एजेंसी है जो 2017 से एग्जाम कर रही है और तबसे लगभग 89 बार पेपर लीक हो गए इसका अर्थ है कि NTA एग्जाम करने में नाकाम है अतः NTA को हटाकर सरकारी संस्थाओं ,यूजीसी सहित अन्य को एग्जाम कराने दिया जाना चाहिए।
दूसरी मांग है कि एक JPC ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी का गठन कर उसकी निगरानी में पेपर लीक की जांच की जाए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
अगर ऐसा नहीं होगा तो हम देश भर में अपने युवाओं के अधिकारों के लिए आंदोलन छेड़ेंगे इस इस पेपर चोर सरकार का पर्दाफाश करेंगे।













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