पिथौरागढ़। लंबे समय बाद मुख्यमंत्री के पिथौरागढ़ आगमन को लेकर जनपदवासियों के साथ-साथ पूर्व सैनिकों में भी काफी उत्साह और उम्मीद थी। सैन्य बहुल इस जनपद के पूर्व सैनिकों को विश्वास था कि मुख्यमंत्री उनसे संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं एवं लंबे समय से चल रहे संघर्षों पर चर्चा होगी।
विशेष रूप से 130 पर्यावरण बटालियन को बचाने के लिए पूर्व पूर्व सैनिक संगठन पिथौरागढ़ द्वारा किए गए 72 दिवसीय आंदोलन के बाद रक्षा मंत्रालय के सकारात्मक निर्णय से पूर्व सैनिकों में खुशी की लहर थी। यह मुद्दा केवल बटालियन तक सीमित नहीं, बल्कि जनपद के जल, जंगल, जमीन और रोजगार से जुड़ा विषय है। रक्षा मंत्रालय के निर्णय की जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय को भी दी गई थी और संगठन लगातार उक्त आदेश की प्रति उपलब्ध कराने तथा संवाद की मांग करता रहा।
कल के मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर पूर्व सैनिक संगठन काफी आशान्वित था कि उनकी एक छोटी सी मांग को इस भ्रमण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री महोदय द्वारा पूर्ण करते हुए उन्हें प्रति उपलब्ध कराई जाएगी साथ ही संगठन के साथ संवाद भी किया जाएगा,लेकिन मुख्यमंत्री के कल के दौरे में पूर्व सैनिकों के साथ संवाद का कोई अवसर नहीं दिया गया और मुख्यमंत्री के संबोधन में भी कही पर सैनिकों/पूर्व सैनिकों का उल्लेख नहीं होना पूर्व सैनिक समुदाय के लिए निराशाजनक रहा।
इस पर पूर्व सैनिक संगठन द्वारा पुनः मुख्यमंत्री से मांग कि गई है कि 130 पर्यावरण बटालियन से संबंधित रक्षा मंत्रालय के आदेश की प्रति संगठन को उपलब्ध कराने के साथ पूर्व सैनिकों के साथ शीघ्र संवाद स्थापित किया जाए और उनकी समस्याओं पर गंभीरता से कार्रवाई की जाए। संगठन द्वारा बताया गया कि पूर्व सैनिक संगठन इस मामले पर काफी संजीदा है माग पूरी न होने पर जल्द ही इस पर अग्रिम कार्रवाई भी की जाएगी।
— पूर्व सैनिक संगठन, पिथौरागढ़












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