पिथौरागढ़। 130 पर्यावरण बटालियन के प्रस्तावित विस्थापन के विरोध में पूर्व सैनिक संगठन द्वारा चलाया जा रहा धरना आज 62वें दिन जिला प्रशासन के नैतिक आश्वासन के पश्चात औपचारिक रूप से स्थगित कर दिया गया।
धरना स्थल पर बड़ी संख्या में उपस्थित पूर्व सैनिकों के बीच उप जिलाधिकारी स्वयं पहुंचे और उन्होंने वर्तमान में पर्यावरण बटालियन के विस्थापन की प्रक्रिया को रोक दिए जाने की जानकारी दी।
साथ ही उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि इस आदेश को स्थायी रूप प्रदान करने हेतु प्रशासन हर संभव प्रयास करेगा।
उप जिलाधिकारी के इस आश्वासन के उपरांत पूर्व सैनिकों ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए आंदोलन को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया।
इस अवसर पर उपजिलाधिकारी वर्मा द्वारा “पर्यावरण बचाओ, सीमांत बचाओ” आंदोलन के अध्यक्ष सूबेदार मेजर रमेश सिंह महर को जूस पिलाकर धरने का औपचारिक समापन कराया गया।
62 दिनों तक चले इस संघर्ष को एक महत्वपूर्ण पड़ाव मिलने पर पूर्व सैनिकों में उत्साह का वातावरण देखने को मिला।
पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष मयूख भट्ट द्वारा स्पष्ट रूप से कहा है कि यह आंदोलन केवल एक अस्थायी विराम पर है, समाप्त नहीं हुआ है।
उन्होंने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि “हमने अपनी विरासत और हिमालय की रक्षा के लिए यह संघर्ष किया है और यह प्रयास तब तक जारी रहेगा, जब तक विस्थापन को स्थायी रूप से निरस्त नहीं किया जाता।”
संगठन ने आगे बताया कि भविष्य में भी प्रदेश एवं केंद्र सरकार के साथ निरंतर संवाद और प्रयास जारी रहेंगे, ताकि इस आदेश को स्थायी रूप दिया जा सके। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि भविष्य में पुनः विस्थापन से संबंधित कोई भी प्रक्रिया प्रारंभ की जाती है,
तो पूर्व सैनिक संगठन जनपद की जनता के साथ मिलकर इस आंदोलन को और व्यापक रूप देगा तथा अपनी विरासत की रक्षा के लिए पुनः सड़कों पर उतरने से पीछे नहीं हटेगा।
आज के धरना कार्यक्रम में सीनियर सिटीजन एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं उनके सदस्यगण, उत्तराखंड क्रांति दल के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक काशी सिंह ऐरी, पतंजलि योगपीठ से जुड़े प्रतिनिधि दीपा जोशी जी,प्रमिला बोहरा जी, शंकर सिंह,किशन सिंह,शेर सिंह, धरम सिंह,ललित सिंह,राजेंद्र सिंह, गिरधर सिंह
सहित सैकड़ों पूर्व सैनिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
— जारी कर्ता
पूर्व सैनिक संगठन, पिथौरागढ़














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