पिथौरागढ़ जनपद में जगह-जगह वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित कर पौधे रोपित किये गए तथा पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति के प्रति प्रेम का संदेश दिया गया। “हरेला पर्व” के अवसर पर आज इको पार्क वरदानी मंदिर परिसर चंडाक रोड में जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी ने पौधारोपण कर शुरुआत की। इस अवसर पर पर्यावरण प्रेमी, वन विभाग, 130 इको टास्क फोर्स के तत्वाधान में ‘वृक्ष लगाएं व बचाएं’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया इसके अलावा पुलिस विभाग द्वारा भी कुल 900 पौधों का रोपड़ किया गया। इस वर्ष थीम – हरेला का त्यौहार मनाएं धरती मां का ऋण चुकाएं के साथ वृक्षारोपण अभियान शुरू किया गया और यह पर एक महीने तक चलाया जाएगा। जनपद पिथौरागढ़ में यक्षवती नदी के किनारे 10000 वृक्ष इको टास्क फोर्स की मदद से लगाए गए। इस वर्ष हरेला की थीम “हरेला का त्योहार मनाओ, धरती माँ का ऋण चुकाओ, एक पेड़ माँ के नाम” है और यह पर्व 16 जुलाई से पूरे एक माह तक किया जाएगा।
इस अवसर पर *हरेला पर्यावरण की रखवाली घर-घर हरियाली लाये समृद्धि और खुशहाली एक पेड़ मां के नाम पर आधारित कार्यक्रम आयोजित* किया गया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, डीएफओ आशुतोष सिंह, सीडीओ डॉ दीपक सैनी, एडीएम योगेन्द्र सिंह, सहित अन्य जिलास्तरीय अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं स्कूलों के बच्चों के द्वारा प्रतिभाग कर विभिन्न प्रजाति के फलदार, औषिधीय एवं फुलदार वाले पौधे रोपित किये गए।
जनपद में इको टास्क फोर्स एवं वन विभाग के तत्वाधान में हरेला पर्यावरण की रखवाली घर-घर हरियाली लाये समृद्धि और खुशहाली एक पेड़ मां के नाम पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बतौर मुख्य अतिथि के रूप में जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी ने प्रतिभाग किया जहां पर जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव एवं मुख्य विकास अधिकारी डॉ0 दीपक सैनी को एक एक पौंधा देकर भव्य स्वागत किया।
जिलाधिकारी ने जनपद वासियों को उत्तराखंड की संस्कृति और प्रकृति को समर्पित *लोकपर्व हरेला* की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए *आम जनमानस से अपने घर के आसपास हरेला पर्व पर एक पौधा अपनी मां के नाम पर* की थीम पर अधिक से अधिक पौधे रोपित करने के साथ ही उनका संरक्षण कर पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की। जिलाधिकारी ने जनपद की जनता को आशीर्वाद देते हुए कहा “जी रया जाग रया…..
…”*
उन्होंने कहा कि हरेला सिर्फ एक त्यौहार ना होकर उत्तराखंड की जीवनशैली का प्रतिबिंब है। यह प्रकृति के साथ संतुलन साधने वाला त्योहार है। *प्रकृति का संरक्षण और संवर्धन हमेशा से पहाड़ की परंपरा का अहम हिस्सा रहा है।* उन्होंने कहा कि शासन द्वारा भी अधिक से अधिक वृक्षारोपण लगाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है ताकि हमारा जीवन व हमारे पहाड़ सुरक्षित रह सके।
प्रभागीय वन क्षेत्राधिकारी आशुतोष सिंह ने कहा जिस तरह से प्रतिदिन क्लाइमेट बदल रहा है उसको देखते हुए हमें अपने जीवन में अधिक से अधिक वृक्षोरोपण कर पर्यावरण को सुरक्षित रखना होगा और यह भी सुनिश्चित करना होगा कि यह जीवित रहे। उन्होंने कहा जो पौधे आज लगाए जा रहे हैं उनको सुरक्षित रखने की हम सब की जिम्मेदारी है।
कुमाऊं इको टास्क फोर्स की 130वीं बटालियन ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए हरेला पर्व की बधाई देते हुए कहा जिस तरह से आज अनेक आपदाओं की घटनाएं घट रही है उन घटनाओं को रोकने के लिए हम सभी को पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए अधिक-अधिक वृक्षों का रोपण कर रहे है और पूरे पिथौरागढ़ को हम देश का ही नहीं पूरे विश्व में सबसे हरित क्षेत्र बनाने में लगे हुए हैं।
कार्यक्रम के दौरान हरेला पर्व पर वन विभाग द्वारा प्रतिभाग करने वाले विभिन्न छात्र- छात्रों को जिलाधिकारी ने प्रशस्ति पत्र भी दिए गए।
इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ दीपक सैनी, अपर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह सहित अन्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, स्कूली छात्र छात्राएं एवं स्थानीय जनता मौजूद रहे।














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