चौमासा और बारोमासा में बसा है पहाड़ का जीवन संघर्ष: इंजी. ललित शौर्य
पिथौरागढ़: आदर्श विद्यालय गंगोत्री गर्ब्याल राजकीय बालिका इंटर कालेज पिथौरागढ़ में लोक विरासत एवं जनजातीय लोक कला समिति द्वारा चौमासा, बारोमासा एवं कजरी गायन पर केंद्रित तीन दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन युवा बालसाहित्यकार इंजी. ललित शौर्य के द्वारा किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए इंजी.शौर्य ने कहा कि चौमासा एवं बारोमासा जैसी गायन शैलियों में पहाड़ का जीवन संघर्ष झलकता है। यह शैलियां विलुप्ति की कगार पर हैं। जिन्हें पुनर्जीवत कर स्थपित करने की महती आवश्यकता है।
विशिष्ट अतिथित समाजसेवी विक्की मेहता ने आयोजन समिति की सराहना की। विशिष्ट अथिति एक्सिस बैंक के प्रबंधक राजेन्द्र पाठक ने बच्चों की प्रतिभा को अद्वितीय बताया।
कार्यक्रम का आयोजन समिति के संस्थापक पीयूष धामी द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य नई पीढ़ी को लोक गायन शैलियों से परिचित कराना है।
विद्यालय की प्रधानाचार्य हंसा धामी ने सभी आगंतुकों का अभिनंदन किया। कार्यशाला के आयोजन में प्रियांशु राज, दिव्यांशु आर्यन, आयुष नगरकोटी, स्मृति भट्ट का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर शहजादी गौसिया, लेफ्टीनेंट डॉक्टर रमा खर्कवाल समेत सैकड़ों बच्चे उपस्थित रहे।














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