पिथौरागढ़ जनपद के दूरस्थ क्षेत्र नेपाल सीमा से सटे तडेमिया ग्राम सभा से श्मशान घाट पंचेश्वर तक पैदल मार्ग अब कंकरीट की झाड़ियों में तब्दील हो चूका है,
यहाँ पर आये दिन ग्रामीणों को सुख दुख में इसी पैदल मार्ग से आवाजही करनी पड़ती,
दुर्भाग्य है की सबसे ज्यादा परेशानी तब हो जाती है ज़ब गांव से शव लेकर ग्रामीण श्मशान तक जाते है
क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्त्ता महेंद्र चंद (मान भाई ) का कहना है की श्मशान घाट का मार्ग बहुत ज्यादा ख़राब हो चूका है,
जिसकी सुनवाही करने वाला भी कोई नहीं है जबकि दो ग्राम सभा सेल, व तडेमिया से होकर क्षेत्र के लोग शव यात्रा लेकर पंचेश्वर जाते है,
दुर्भाग्य है की आज उक्त क्षेत्र में पैदल मार्ग की कोई सुध लेने वाला नहीं है,
वहीं क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्त्ता महेंद्र चंद ( मान ) का कहना है की जिला प्रशासन व उत्तराखंड सरकार उक्त क्षेत्र के ख़राब मार्ग को ध्यान में रखकर ग्रामीणों को श्मशान घाट तक जाने का रास्ता मुहया कराये जिससे ग्रामीण शव यात्रा में आराम से जा सके,
आपको बता दें की बीते दिवस उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की विधानसभा क्षेत्र चम्पावत जनपद में घटित एक घटना में पिथौरागढ़ जनपद के तडेमिया रावतगड़ा निवासी लक्ष्मण चंद पुत्र प्रकाश चंद 18 साल की मलवे में डबने दर्दनाक मौत हो गयी थी,
जिसके बार चम्पावत जिला प्रशासन के सहयोग से लक्ष्मण का शव बीती देर रात उनके गांव रावतगड़ा पहुंच पाया,
वहीं आज लक्ष्मण का अंतिम संस्कार पंचेश्वर घाट में किया गया,
वहीं लक्ष्मण के अचानक चले जाने से उनके माता पिता का रो-रोकर बुरा हाल, लक्ष्मण अपने माता पिता व बड़े भाई को छोड़कर चले गये है, इस तरह उनके चले जाने से गांव में शोक की लहर है,














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