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पिथौरागढ़ महिला नेत्री मोनिका महर ने एक साल बेमिसाल व खिचड़ी भोज पर प्रश्न चिन्ह उठाया

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पिथौरागढ़ जनपद की महिला नेत्री मोनिका महर ने आज एक प्रेस नोट जारी कर नगर निगम मेयर और प्रशासन द्वारा सरकारी कार्यालय में कार्य दिवस पर कार्य करने की वनस्पति अपना व्यक्तिगत (एक साल बेमिसाल ) नामक खिचड़ी भोज करने पर प्रश्न चिन्ह उठाया।

उन्होंने कहा कि नगर निगम मेयर द्वारा निगम कार्यालय को अपना व्यक्तिगत संस्थान समझ कर खिचड़ी भोज कार्यक्रम रखा गया जो कि एक गलत परिपाटी है, किसी भी सरकारी कार्यालय में इस तरह से कार्य दिवस पर व्यक्तिगत कार्यक्रम करना गलत है, क्योंकि इससे कार्यालय में कार्य प्रभावित होता है जिससे लोगों के निगम संबंधी अति महत्वपूर्ण कार्य भी नहीं हो पाते ।

में सुंदर कांड और खिचड़ी भोज कार्यक्रम का विरोध नहीं करती परन्तु सरकारी कार्यालय के दुरुपयोग के शक्त खिलाफ हूं ,यह निगम कार्यालय नगर की संभ्रांत जन मानस के कार्यों के लिए है न कि आपके व्यक्तिगत 1 साल सेलिब्रेट करने के लिए।

इससे पहले भी बहुत से नेता नगर पालिका अध्यक्ष रहे और उन्होंने भी अपने कार्यकाल में अपने व्यक्तिगत कार्यक्रम किए परंतु उसके लिए उन्होंने कभी नगर पालिका के कार्यालय का दुरुपयोग नहीं किया।
पर मेयर महोदया शायद यह भूल गई है कि यह कार्यालय आम जन के लिए है

अगर आपने अपना कोई व्यक्तिगत कार्यक्रम करना है तो आप अपने आवास पर या किसी अन्य स्थान पर कर सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर इन्होंने अपना राजनैतिक व्यक्तिगत खिचड़ी भोज कार्यक्रम करना ही था तो वो निगम के नजदीक में राम लीला मैदान में या किसी व्यक्तिगत स्थल पर कर सकते थे , ताकि खिचड़ी भोज भी हो जाए और निगम में कार्य भी निरंतर चलता रहे।
नगर निगम कार्यालय किसी व्यक्ति विशेष का नहीं होता फिर वो मेयर हो या प्रशासन , उन्होंने अपनी राजनीति से प्रेरित इस कार्यक्रम को किया गया है जो सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग होने के साथ साथ एक गलत परिपाटी है।

नगर निगम द्वारा यह कार्य करके अन्य विभागों को भी इस तरह से कार्यक्रम करने का मौका दिया है, अगर इसी तरह हर विभाग अपने सरकारी कार्यालयों में कार्यदिवस पर व्यक्तिगत कार्यक्रम करते रहे तो शायद लोगों का काम होना मुश्किल हो जाएगा , इन्होंने यह कार्य करके अन्य विभागों के लिए भी एक परिपाटी समान कार्य किया है जो बिल्कुल भी सही नहीं है।
क्या सत्ता के नशे में वो यह भी भूल गए कि नगर निगम कार्यालय उनकी पार्टी का कार्यालय नहीं है की वहां उनके जो मन आए वो कर ले ,यह कार्यालय आम जनता के कार्यों के लिए होता है जिसको प्राथमिकता देना आवश्यक है ।

उन्होंने जिलाधिकारी से अपील है कि इसमें त्वरित रूप से कार्यवाही करके जांच करनी चाहिए कि क्या कोई पदासीन या कोई अधिकारी अपने कार्यालय को कार्य दिवस पर अपने व्यक्तिगत कार्यक्रमों हेतु उपयोग कर सकता है।
जिलाधिकारी ने इसकी जांच पश्चात् उचित कार्यवाही भी करनी चाहिए।

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