Home उत्तराखंड पूर्व सैनिक संगठन के प्रयासों से जनपद पिथौरागढ़ में “हनी मिशन” को मिली नई गति
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पूर्व सैनिक संगठन के प्रयासों से जनपद पिथौरागढ़ में “हनी मिशन” को मिली नई गति

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जनपद पिथौरागढ़ में पूर्व सैनिक संगठन के निरंतर प्रयासों से “हनी मिशन” (मधुमक्खी पालन अभियान) को एक नई दिशा एवं गति प्राप्त हो रही है। प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध इस सीमांत पर्वतीय जनपद में रोजगार सृजन एवं पलायन रोकने के उद्देश्य से संगठन द्वारा मधुमक्खी पालन को एक सशक्त विकल्प के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है।

इसी क्रम में कल देर शाम खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) के माध्यम से 100 “मौन बॉक्स” (Honey Bee Boxes) पूर्व सैनिक संगठन को प्राप्त हुए, जिन्हें मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण प्राप्त 10 पूर्व सैनिकों एवं उनके सहयोगियों को वितरित किया गया।
पूर्व सैनिक संगठन के प्रयासों से जनपद के कुल 35 लोगों को मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण दिलाया गया है, जिसके सापेक्ष 350 मौन बॉक्स, टूल किट एवं अन्य आवश्यक सामग्री संगठन द्वारा प्राप्त कर प्रशिक्षण प्राप्त लाभार्थियों में वितरित की जा चुकी है।
संगठन का स्पष्ट उद्देश्य है कि जनपद में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का सदुपयोग कर रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएं तथा पलायन जैसी गंभीर समस्या पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। मधुमक्खी पालन पर्वतीय क्षेत्रों में कम लागत, अधिक लाभ तथा पर्यावरणीय संतुलन के दृष्टिगत एक अत्यंत उपयोगी एवं स्थायी स्वरोजगार साधन बन सकता है।
यह जनपद के लिए विशेष उपलब्धि है कि पहली बार इस प्रकार की संगठित योजना के माध्यम से पहाड़ी राज्य को व्यापक स्तर पर “हनी मिशन” से जोड़ा गया है, जो न केवल संगठन के लिए बल्कि जनपद के ग्रामीण विकास एवं आर्थिक उन्नति के लिए भी एक ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है।

कल आयोजित कार्यक्रम में खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग, देहरादून से आए राकेश कुमार गुप्ता सहायक निदेशक ( प्रथम), राजेन्द्र पॉल सिंह सहायक निदेशक (द्वितीय ), भवान गिरी( कनिष्ठ कार्यकारी), मंजू देवलाल (कनिष्ठ कार्यकारी ),द्वारा लाभार्थियों को मौन बॉक्स वितरित किए गए।

इस अवसर पर उपस्थित पूर्व सैनिकों एवं लाभार्थियों ने संगठन के प्रयासों की सराहना करते हुए इस कार्य को भविष्य में और अधिक व्यापक स्तर पर ले जाने का संकल्प व्यक्त किया।

पूर्व सैनिक संगठन का विश्वास है कि यदि प्रशासनिक सहयोग एवं जनभागीदारी निरंतर बनी रही, तो आने वाले समय में पिथौरागढ़ जनपद मधुमक्खी पालन के क्षेत्र में एक आदर्श मॉडल बनकर उभरेगा, जिससे स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार, आत्मनिर्भरता और स्थायी आय का मजबूत आधार प्राप्त होगा।

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