पिथौरागढ़ – संत नारायण स्वामी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नारायण नगर के *राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS)* के अंतर्गत ग्राम पंचायत ओगला, डीडीहाट (पिथौरागढ़) में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर का *तृतीय दिवस (23-02-2026)* उत्साह और सेवा भावना के साथ संपन्न हुआ।
प्रातःकालीन सत्र में योग प्रशिक्षक *Uma digaari* द्वारा छात्र-छात्राओं को योगाभ्यास कराया गया। उन्होंने जीवन में योग की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नियमित योग से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य सुदृढ़ होता है। योगाभ्यास के उपरांत स्वयंसेवकों ने राष्ट्रीय सेवा योजना के लक्ष्य गीत के साथ दिन के कार्यक्रमों का शुभारंभ किया।
इसके पश्चात स्वयंसेवकों द्वारा *प्यांखेत ग्रामसभा के नौलों (पारंपरिक जल श्रोत) तथा ग्राम के मन्दिर परिसर की साफ सफाई की गई* ग्राम निवासियों द्वारा स्वयंसेवी के इस कार्य की काफी सराहना भी की गई । तत्पश्चात ग्राम पंचायत के अंतर्गत आंगनवाड़ी परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया।
इस दौरान विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए प्यांखेत तोक में स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता अभियान भी संचालित किया।
अपराह्न सत्र में बौद्धिक कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें *कार्यक्रम में अतिथि के रूप में बाल विकास परियोजना की पर्यवेक्षक शांति ठगुना, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मुन्नी अवस्थी और बिमला जिमीवाल , गांव की वरिष्ठ महिलाएं और पुरूष माधवी पाठक , मुन्नी पाठक और धीरू जिमीवाल इसके अतिरिक्त ग्रामप्रधान सुंदर जिमीवाल उपस्थित थे बाल विकास परियोजना की पर्यवेक्षक शांति ठगुना द्वारा *बाल विकास तथा महिला सुरक्षा* आदि विषयों पर विद्यार्थियों के साथ संवाद स्थापित करते हुए सरकारी योजनाओं से संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।
विद्यार्थियों ने जिज्ञासापूर्वक प्रश्न पूछकर विषय को गहराई से समझा। तत्पश्चात कुछ स्वयंसेवियों ( सुजल ऐरी, मोहम्मद अनस, योगेन्द्र, खिला , योगिता पोखरिया , योगिता जोशी* ने कार्यक्रम के प्रति अपने विचार था शुरुआत से अब तक का अनुभव बयान किया ।
जिससे अन्य स्वयंसेवियों को मंच पर अपने विचार रखने की प्रेरणा मिल।
दिवस के अंत में कार्यक्रम अधिकारी NSS *कार्यक्रम अधिकारी डॉ दिनेश कोहली* द्वारा सभी वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।
शिविर के तृतीय दिवस की शुरुआत से अंत तक स्वयंसेवियो को बहुत कुछ सीखने का अवसर मिला इसके अतिरिक्त ग्रामीण परिवेश को और अधिक गहराई से जानने का मौका भी मिला। तृतीय दिवस का यह आयोजन योग, पर्यावरण संरक्षण , स्वच्छता अभियान : ग्रामीण परिवेश में जागरूकता , और बौद्धिक विकास के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है, जिसने स्वयंसेवकों में नई ऊर्जा और जागरूकता का संचार किया।














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