पिथौरागढ़ -130 पर्यावरण बटालियन के प्रस्तावित विस्थापन के खिलाफ पूर्व सैनिक संगठन का धरना आज 32वें दिन भी उसी जोश, जज्बे और जुनून के साथ जारी रहा। आंदोलन लगातार उग्र रूप लेता जा रहा है और अब इसमें व्यापक जनसमर्थन भी जुड़ता जा रहा है।
आज धरना स्थल पर कुमाऊं स्काउट के पूर्व सैनिकों एवं सीनियर सिटीजन पदाधिकारियों ने पहुंचकर आंदोलन को नैतिक समर्थन दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस जनहित और सैनिक सम्मान की लड़ाई में हर सैनिक कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा।
नवरात्रि के प्रथम दिवस पर भी धरना पूर्ववत जारी रखते हुए पूर्व सैनिकों ने सरकार की उदासीनता और उपेक्षापूर्ण रवैये की कड़ी निंदा की। वक्ताओं ने इसे *“बेहद शर्मनाक”* बताते हुए कहा कि सरकार की नीतियों ने सैनिकों को गहरा आघात पहुंचाया है। 
उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व सैनिकों ने पहले ही अपने आंदोलन के तहत होली जैसे बड़े पर्व का त्याग किया और अब नवरात्रि जैसे पवित्र अवसर पर भी धरने पर बैठने को मजबूर हैं।
पूर्व सैनिकों ने आरोप लगाया कि यह सरकार सैन्य जनपद की भावनाओं, त्याग, बलिदान और सम्मान की निरंतर अनदेखी कर रही है।
जनपद के जनप्रतिनिधियों पर भी तीखा प्रहार करते हुए कहा गया कि इतने संवेदनशील मुद्दे पर उनका मौन रहना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
चार-चार विधायकों और क्षेत्रीय सांसद की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए पूर्व सैनिकों ने कहा कि अब उनसे किसी ठोस पहल की उम्मीद करना व्यर्थ प्रतीत होता है।
आंदोलनकारियों ने कहा कि बड़े-बड़े नेता केवल बयानबाजी तक सीमित हैं और जनपद के वास्तविक मुद्दों से दूरी बनाए हुए हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि जनपद की धरोहरों और सैन्य पहचान को कमजोर करने की किसी भी कोशिश का समय आने पर करारा जवाब दिया जाएगा।
इसी बीच रक्षा मंत्री के प्रस्तावित कुमाऊं दौरे को लेकर पूर्व सैनिकों में एक नई उम्मीद जगी है।
आंदोलनकारी आशान्वित हैं कि यदि उनकी मांगें स्वीकार की जाती हैं तो यह नवरात्रि उनके लिए वास्तव में सार्थक सिद्ध होगी।
संगठन ने घोषणा की है कि नवरात्रि के दौरान धरना स्थल पर जनप्रतिनिधियों की “सद्बुद्धि” के लिए विशेष प्रार्थना एवं भजन किए जाएंगे। साथ ही आंदोलन को और व्यापक बनाने हेतु शीघ्र ही एक विशाल रैली आयोजित की जाएगी।
आज के धरने में कैप्टन चंद्र सिंह ऐर, गोपाल सिंह, लक्ष्मी दत्त, महेश पांडेय, सुरेंद्र कोरंगा, विक्रम सिंह, भूपाल सिंह, देवाकर बोहरा, देवी दत्त सहित सीनियर सिटीजन के उपाध्यक्ष राजेंद्र खनका एवं पूर्व सैनिक संगठन के उपाध्यक्ष सूबेदार मेजर रमेश सिंह महर समेत अनेक पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।














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