*130 पर्यावरण बटालियन के विस्थापन के विरोध में पूर्व सैनिकों का आंदोलन 38वें दिन भी जारी, उग्र आंदोलन की चेतावनी
पिथौरागढ़ जनपद में 130 पर्यावरण बटालियन के प्रस्तावित विस्थापन के विरोध में पूर्व सैनिक संगठन का धरना आज 38वें दिन भी पूरे जोश और दृढ़ संकल्प के साथ जारी रहा। लगातार हो रही सरकारी उपेक्षा से आक्रोशित पूर्व सैनिकों ने अब आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया है।
धरने पर बैठे पूर्व सैनिकों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन द्वारा व्यापक स्तर पर बाइक रैली एवं जनसमूह के साथ विशाल विरोध रैली आयोजित की जाएगी। यह आंदोलन अब जन-जन का आंदोलन बनाने की दिशा में अग्रसर है।
पूर्व सैनिकों ने शासन-प्रशासन एवं सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 38 दिनों से वे शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। उन्होंने सरकार की इस उदासीनता और संवेदनहीनता की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि आज स्थिति यह है कि सरकार को “शर्म” जैसी कोई भावना शेष नहीं रह गई है और वह केवल अपने विज्ञापनों एवं कार्यक्रमों में आत्मप्रशंसा में व्यस्त है।
पूर्व सैनिकों ने कहा कि उत्तराखंड वीरों की भूमि है और यहां के सैनिकों का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए, लेकिन जिस प्रकार से उनकी उपेक्षा की जा रही है, वह पूरे प्रदेश के लिए अत्यंत शर्मनाक है। उन्होंने यह भी कहा कि यह आंदोलन केवल एक बटालियन का नहीं, बल्कि प्रदेश के सम्मान और सैनिकों की गरिमा का प्रश्न बन चुका है।
संगठन ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि वह केंद्र सरकार के साथ निरंतर संवाद स्थापित कर इस मामले में शीघ्र सकारात्मक निर्णय ले, ताकि पूर्व सैनिकों की जायज मांगों का समाधान हो सके।
आज धरने को वरिष्ठ नागरिक डी.एन. भट्ट द्वारा समर्थन दिया गया। धरने में सूबेदार मेजर शंकर सामंत, विक्रम सिंह, आनंद सिंह, दिनेश चंद्र, उमेश फुलेरा उपस्थित रहे।
पूर्व सैनिक संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।














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