पिथौरागढ़
पूर्व सैनिक संगठन द्वारा 130 पर्यावरण बटालियन के विस्थापन (Displacement) के विरोध में चल रहा धरना आज 46वें दिन में प्रवेश कर गया है।
यह आंदोलन दिन-प्रतिदिन और अधिक व्यापक होता जा रहा है तथा पूर्व सैनिकों का आक्रोश लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है।
पूर्व सैनिकों ने कहा कि वे अपने निजी कार्यों, पर्व-त्योहारों और पारिवारिक दायित्वों को छोड़कर लगातार धरने पर डटे हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद सरकार की ओर से किसी प्रकार की ठोस पहल या संवेदनशीलता नहीं दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उनकी जायज मांगों को नजरअंदाज कर रही है, जो अत्यंत निराशाजनक है।
धरना स्थल पर वक्ताओं ने 130 पर्यावरण बटालियन के विस्थापन के निर्णय को जनविरोधी बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। उनका कहना है कि यह निर्णय न केवल पूर्व सैनिकों के हितों के खिलाफ है, बल्कि क्षेत्रीय भावनाओं और सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ महत्वपूर्ण विषय है।
पूर्व सैनिकों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही इस विस्थापन के निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और अधिक उग्र एवं व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। उन्होंने यह भी कहा कि जनपद में बढ़ता जनाक्रोश आने वाले समय में प्रदेश और केंद्र सरकार दोनों के लिए भारी पड़ सकता है।
आज के धरना कार्यक्रम में सूबेदार मेजर दिनेश धामी, जीवन बोहरा, कृष्णा नेगी, विक्रम सिंह, नारायण पाटनी, उमेश फुलेरा, गोपाल बोहरा सहित कैप्टन महेश चंद शाही एवं अन्य पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।
पूर्व सैनिकों का स्पष्ट संदेश है —
“विस्थापन का निर्णय वापस लो, सम्मान के साथ न्याय दो — अन्यथा संघर्ष और तेज होगा।”
— जारीकर्ता
पूर्व सैनिक संगठन, पिथौरागढ़














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