पिथौरागढ़। पूर्व सैनिक संगठन का धरना आज 60वें दिन में प्रवेश कर गया। दो माह से अधिक समय से निरंतर जारी इस आंदोलन में पूर्व सैनिक पूरे धैर्य, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के साथ डटे हुए हैं।
धरना स्थल पर पूर्व सैनिकों ने विश्वास व्यक्त किया कि उनके इस संघर्ष का सकारात्मक परिणाम अवश्य सामने आएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी व्यक्तिगत हित के लिए नहीं, बल्कि जनपद के भविष्य, पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण विरासत को बचाने की लड़ाई है।
पूर्व सैनिकों ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय देश सेवा में बिताया है, और अब सेवानिवृत्ति के बाद भी यदि उनका अनुभव और प्रयास अपने क्षेत्र की समृद्धि, विकास और खुशहाली के लिए काम आ सके, तो इससे बड़ी संतुष्टि उनके लिए कुछ नहीं हो सकती। यह उनके लिए मातृभूमि का ऋण है, जिसे वे अपने प्रयासों से चुकाने का प्रयास कर रहे हैं।
संगठन ने दो टूक शब्दों में कहा कि पर्यावरण बटालियन के संभावित विस्थापन के मुद्दे पर जब तक कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक यह धरना निरंतर जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने आम जनमानस से भी अपील की कि इस जनपद के भविष्य की इस महत्वपूर्ण लड़ाई में आगे आकर सहयोग करें।
पूर्व सैनिकों ने यह भी आश्वस्त किया कि जनहित के किसी भी विषय पर, जब भी आवश्यकता होगी, वे सदैव समाज और प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे।
आज के धरने में सीनियर सिटीजन के गिरधर सिंह बिष्ट, रामलीला कमेटी के चंद्रशेखर महर, नरेंद्र सिंह, दीपक जोशी, नारायण शर्मा, महेश शाही, भूपेंद्र रावल, घनश्याम जोशी, कृष्णा जोशी, विक्रम सिंह, नारायण सिंह तथा सूबेदार मेजर गिरधर सिंह खनका सहित अनेक पूर्व सैनिक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
पूर्व सैनिक संगठन ने पुनः शासन-प्रशासन से इस विषय पर शीघ्र संज्ञान लेते हुए जनहित में ठोस निर्णय लेने की मांग की है।














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