उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बीते दिनों एक नवजात को सड़क पर छोड़ने वालों तक पुलिस ने आखिरकार पहुंच बना ली है.
पुलिस के अनुसार निजी कॉलेज में पढ़ने वाले प्रेमी-प्रेमिका ने नवजात को सड़क पर छोड़ने के बाद पुलिस को सूचना दी थी.
पारिवारिक मजबूरी के चलते दोनों ने ही दो दिन के नवजात को सड़क पर छोड़ दिया था.
जाँच व पुलिस की पूछताछ में दोनों ही नवजात के माता पिता निकले है,
पुलिस ने प्रेमी-प्रेमिका के परिजनों को सूचना देने के बाद दोनों की काउंसलिंग की.
बता दें कि 03 जुलाई की देर रात थाना क्लेमेंटाउन को पंत मार्ग के पीछे वाली रोड पर एक नवजात शिशु के सड़क किनारे पड़े होने की सूचना मिली थी,
जिस पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नवजात को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया था,
इस दौरान एसएसपी ने नवजात शिशु को लावारिस हालत में मिलने के मामले की जांच के आदेश दिए. जिसके तहत थाना क्लेमेंटाउन पुलिस ने टीम के द्वारा सीसीटीवी कैमरों को खंगाला और जानकारी जुटाई.
थाना क्लेमेंटाउन प्रभारी मोहन सिंह ने बताया है कि जांच के दौरान 3 जुलाई की देर रात एक स्कूटी पर एक लड़का और एक लड़की घटनास्थल की ओर आते दिखाई दिए, जो नवजात को सड़क पर छोड़कर जाते हुए दिखाई दिए.
जांच के दौरान नवजात के सम्बन्ध में सूचना देने वाले के नंबर की जांच करने पर पता चला कि कॉलर ने ही रात में नवजात को सड़क किनारे छोड़ने के बाद चाइल्ड हेल्पलाइन पर कॉल किया गया था.
कॉलर की प्रेमिका देहरादून के एक निजी कॉलेज में पढ़ती है और दोनों के बीच पिछले तीन साल से प्रेम प्रसंग चल रहा है. इस दौरान युवती गर्भवती हो गई. 2 जुलाई को उसने नवजात बालिका को जन्म दिया. पारिवारिक मजबूरी के कारण युवती और उसके प्रेमी द्वारा ही नवजात को सड़क किनारे छोड़ा था. पुलिस ने युवक युवती के परिजनों को बुलाया गया है.दोनों से विस्तृत पूछताछ कर काउंसलिंग की जा रही है. जिसके बाद आगे की कार्रवाई अमल में लाइ जाएगी,














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