पिथौरागढ़
वाइब्रेंट विलेज नयी बस्ती, छार्छुम क्षेत्र में ग्रामीण युवाओं के डिजिटल भविष्य को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आराध्या रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी ने 11 बीएन एसएसबी पिथौरागढ़ के सहयोग से सात दिवसीय बेसिक कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।
कार्यक्रम का उद्घाटन 11 बीएन एसएसबी पिथौरागढ़ के उप कमांडेंट श्री जय प्रकाश कुमार, सहायक कमांडेंट दीपक , संस्था के अध्यक्ष आनंद पांडे एवं स्थानीय प्रतिनिधियों के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया।
उद्घाटन समारोह में स्थानीय युवक-युवतियों, अभिभावकों, समाजसेवियों एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिससे क्षेत्र में इस पहल के प्रति उत्साह स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुआ।
मुख्य अतिथि महोदय ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि –
“आज के प्रतिस्पर्धात्मक और तकनीक-आधारित युग में कंप्यूटर शिक्षा केवल एक कौशल नहीं, बल्कि जीवन की अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी है।
सीमांत एवं पहाड़ी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को डिजिटल संसाधनों से जोड़ना ही वास्तविक सशक्तिकरण है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनाएंगे।
संस्था के के अध्यक्ष आनंद पांडे ने बताया कि आराध्या रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण प्रदान करना नहीं, बल्कि ग्रामीण युवाओं को रोजगारोन्मुखी एवं आत्मनिर्भर बनाना है।
संस्था द्वारा समय-समय पर निःशुल्क कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनका लक्ष्य डिजिटल साक्षरता, साइबर जागरूकता, स्वरोजगार क्षमता एवं व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देना है।
यह सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को कंप्यूटर की मूलभूत जानकारी — जैसे कंप्यूटर का परिचय, एमएस ऑफिस, इंटरनेट उपयोग, डिजिटल भुगतान, ई-गवर्नेंस सेवाएं एवं साइबर सुरक्षा — का सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक ज्ञान प्रदान करेगा। प्रशिक्षण के समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए जाएंगे, जिससे उनके शैक्षणिक एवं व्यावसायिक प्रोफाइल को सुदृढ़ता मिलेगी।
स्थानीय प्रतिनिधियों के द्वारा इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में अत्यंत सहायक सिद्ध होते हैं और उन्हें आधुनिक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार करते हैं।
संस्था की भविष्य की रणनीति
आराध्या रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी ने स्पष्ट किया कि भविष्य में:
• सीमांत क्षेत्रों में स्थायी डिजिटल प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
• छात्राओं एवं महिलाओं के लिए विशेष डिजिटल सशक्तिकरण अभियान चलाए जाएंगे।
• कौशल विकास कार्यक्रमों को स्वरोजगार एवं स्टार्टअप मार्गदर्शन से जोड़ा जाएगा।
• सरकारी विभागों एवं अर्द्धसैनिक बलों के सहयोग से ‘वाइब्रेंट विलेज’ अवधारणा को जमीनी स्तर पर सशक्त किया जाएगा।
यह पहल न केवल कंप्यूटर प्रशिक्षण तक सीमित है, बल्कि ग्रामीण भारत के सीमांत क्षेत्रों में डिजिटल समानता और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ठोस और दीर्घकालिक प्रयास का प्रतीक है।














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