पर्वत पीयूष स्वर्ण जयंती विशेषांक का हुआ विमोचन, पद्म भूषण से अलंकृत भगत सिंह कोश्यारी का नागरिक अभिनंदन
‘विद्या, सेवा और समर्पण का स्वर्णिम उत्सव’ के साथ जिला पंचायत सभागार में हुआ भव्य आयोजन
पूर्व न्यायमूर्ति प्रफुल्ल चन्द्र पन्त बोले— कोश्यारी का जीवन समाज सेवा और जनहित को समर्पित
पिथौरागढ़, 8 मार्च।
“विद्या, सेवा और समर्पण का स्वर्णि
म उत्सव” पर्वत पीयूष के स्वर्ण जयंती विशेषांक के अवसर पर रविवार को जिला पंचायत सभागार, पिथौरागढ़ में भव्य विमोचन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान पत्रिका के स्वर्ण जयंती विशेषांक का विमोचन किया गया तथा पद्म भूषण से अलंकृत भगत सिंह कोश्यारी (पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखंड एवं पूर्व राज्यपाल महाराष्ट्र व गोवा) का पिथौरागढ़ के विभिन्न वर्गों के लोगों द्वारा नागरिक अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रफुल्ल चन्द्र पन्त, पूर्व न्यायमूर्ति उच्चतम न्यायालय, पूर्व मुख्य न्यायाधीश मेघालय एवं पूर्व न्यायमूर्ति उच्च न्यायालय नैनीताल ने अपने संबोधन में कहा कि भगत सिंह कोश्यारी का जीवन सदैव सामाजिक उत्थान और जनसेवा के लिए समर्पित रहा है। ऐसे व्यक्तित्व को सम्मान मिलना हम सभी के लिए गर्व और गौरव का विषय है।
अपने संबोधन में भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि यह सम्मान उनका व्यक्तिगत नहीं बल्कि पूरे उत्तराखंड का सम्मान है। उन्होंने पर्वत पीयूष पत्रिका की 50 वर्षों की गौरवशाली यात्रा का भी उल्लेख करते हुए कहा कि यह पत्रिका क्षेत्र की सामाजिक, सांस्कृतिक और वैचारिक चेतना को मजबूत करने का कार्य करती रही है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता, पत्रकार तथा आमजन उपस्थित रहे। विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और वक्ताओं ने भी अपने विचार रखते हुए पत्रिका की 50 वर्ष की यात्रा को समाज के लिए महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम के संयोजक मंडल में प्रो. जीत सिंह ज्याला, स्वामी विरेन्द्रानंद जी महाराज, हरीश जोशी, नन्दन सिंह कोश्यारी (प्रधान संपादक), गणेश पाठक (अतिथि संपादक) तथा रणजीत ज्याला (अतिथि संपादक) शामिल रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अशोक पंत ने की।
इस अवसर पर गणेश भंडारी (दर्जा राज्य मंत्री), जितेंद्र प्रसाद (जिला पंचायत अध्यक्ष), भाजपा जिलाध्यक्ष गिरीश जोशी, राजेन्द्र रावत, दीपिका बोहरा, जगत सिंह खाती सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन कोमल मेहता और ललित शौर्य ने किया।














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