पिथौरागढ़।
*पूर्व सैनिक संगठन द्वारा पर्यावरण बटालियन के विस्थापन के विरोध में चल रहा धरना आज 41वें दिन भी पूरे जोश और संकल्प के साथ जारी रहा।* आज धरना स्थल पर सुंदरकांड पाठ का आयोजन कर मां भगवती से इस न्यायपूर्ण संघर्ष में विजय की प्रार्थना की गई।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि देवभूमि की आस्था ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। जब सभी रास्ते बंद नजर आते हैं, तब अपने इष्ट देव और मां भगवती पर अटूट विश्वास ही संघर्ष को नई दिशा देता है। उन्होंने कहा कि यह भूमि मां भगवती की जन्मस्थली है और इसी आस्था के साथ संगठन इस लड़ाई को अंतिम परिणाम तक पहुंचाने के लिए दृढ़ संकल्पित है।
पूर्व सैनिकों ने कहा कि जिस प्रकार युद्ध में जाने से पहले “कालिका माता की जय” का उद्घोष कर वीर रणभूमि में उतरते थे, उसी प्रकार अब इस संघर्ष को भी निर्णायक मोड़ देने की तैयारी की जा रही है। सुंदरकांड पाठ के माध्यम से ऊर्जा, साहस और विजय की कामना की गई।
संगठन ने सरकार और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि देश की सेवा में जीवन समर्पित करने वाले सैनिक आज अपने ही जनपद की विरासत और भविष्य को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन उनकी पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं है। मां कालिका से प्रार्थना की गई कि वह जनप्रतिनिधियों और सरकार को सद्बुद्धि दें और उनकी आंखें खोलें।
संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर कोई ठोस और सार्थक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा।
जनपद में आने वाले सभी जनप्रतिनिधियों का काले झंडों के साथ विरोध और घेराव किया जाएगा। साथ ही एक विशाल रैली का आयोजन कर गांव-गांव से लोगों को सड़कों पर उतारा जाएगा और आंदोलन को जनांदोलन का रूप दिया जाएगा।
आज के धरने में कैप्टेन सुन्दर सिंह, बलवंत सिंह, देविंदर सिंह, जगदीश भट्ट, देवी दत्त, हरीश पंथ, आनंद सिंह, त्रिलोक सिंह, किशन सिंह सहित दर्जनों पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।
जय हिंद














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