पिथौरागढ़ जनपद में स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पूर्व सैनिक संगठन ने पहली बार दोना-पत्तल निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया है।
संगठन द्वारा समय-समय पर स्थानीय युवाओं एवं पूर्व सैनिकों के लिए विभिन्न लघु उद्योग आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं,
जिससे जनपद में रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें
इससे पूर्व संगठन के माध्यम से धूप,अगरबत्ती निर्माण, मोन पालन (मधुमक्खी पालन) एवं मशरूम उत्पादन जैसे प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संचालित किए जा चुके हैं।
इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए अब दोना-पत्तल निर्माण के क्षेत्र में प्रशिक्षण आरंभ किया गया है,
जो पर्यावरण संरक्षण और स्वरोजगार दोनों की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी है।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग से गौरव जोहरी एवं कुलदीप नेगी द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को निर्माण प्रक्रिया की मूलभूत जानकारी प्रदान की गई।
साथ ही दस्तावेज सत्यापन एवं फॉर्म भरने की प्रक्रिया भी पूर्ण कराई गई। इस प्रशिक्षण हेतु जनपद से 10 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है।
6 दिवसीय यह प्रशिक्षण पूर्व सैनिक संगठन कार्यालय, सम्मान स्थल बिण में आयोजित किया जा रहा है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को दोना-पत्तल निर्माण की तकनीकी बारीकियां सिखाई जाएंगी।
विभाग द्वारा पूर्व सैनिक संगठन को दो दोना-पत्तल निर्माण मशीनें भी उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे प्रशिक्षण के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी सुनिश्चित हो सके।
संगठन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में इस पहल को लघु उद्योग के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि स्थानीय स्तर पर उत्पादन शुरू कर अधिक से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जा सके। प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करते हुए स्थानीय वनस्पतियों से दोना-पत्तल निर्माण की संभावनाओं पर भी कार्य किया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
प्रशिक्षण शुभारंभ अवसर पर शेर सिंह, महिमन भट्ट, कमान सिंह, ललित सिंह, संजय प्रसाद, विक्रम सिंह, हेम भट्ट,कविता देवी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
पूर्व सैनिक संगठन का यह प्रयास न केवल स्वरोजगार को नई दिशा देगा, बल्कि आत्मनिर्भर जनपद की ओर एक मजबूत कदम भी साबित होगा।














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