प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली में आयोजित विशेष कृषि कार्यक्रम में ₹35,440 करोड़ की विभिन्न योजनाओं का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जनपद पिथौरागढ़ भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राष्ट्रीय कार्यक्रम से जुड़ा। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान किसानों से संवाद किया एवं जनसभा को संबोधित किया।
विकास भवन सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपद के किसान, दर्जा राज्यमंत्री गणेश भंडारी, नगर निगम पिथौरागढ़ की मेयर कल्पना देवलाल, परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास आशीष पुनेठा, जिला विकास अधिकारी रमा गोस्वामी, मुख्य कृषि अधिकारी अमरेन्द्र चौधरी, मुख्य उद्यान अधिकारी अभिनव टम्टा सहित कृषि, बागवानी एवं पशुपालन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। विकास भवन के साथ साथ समस्त विकास खण्ड मुख्यालय पर, केवीके गैना तथा सहकारिता विभाग की समस्त समितियों में भी कार्यक्रम का लाईव प्रसारण किया गया है।
मुख्य घोषणाएँ:
पीएम धन धान्य कृषि योजना – ₹24,000 करोड़ की लागत से प्रारंभ की गई, इस योजना का उद्देश्य 100 चयनित जिलों में कृषि उत्पादकता बढ़ाना, फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करना, सिंचाई सुविधाओं को सुदृढ़ करना, भंडारण अवसंरचना का विकास करना एवं किसानों को ऋण की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
मिशन फॉर आत्मनिर्भरता इन पल्सेस – ₹11,440 करोड़ की लागत वाली इस योजना का उद्देश्य दाल उत्पादन में आत्मनिर्भरता प्राप्त करना, खेती का क्षेत्र बढ़ाना, मूल्य श्रृंखला को सशक्त बनाना तथा फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करना है।
₹5,450 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन एवं राष्ट्र को समर्पण –
प्रधानमंत्री ने कृषि, पशुपालन, मत्स्य एवं खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जिनमें बेंगलुरु एवं जम्मू-कश्मीर में कृत्रिम गर्भाधान प्रशिक्षण केंद्र, अमरेली व बनास में उत्कृष्टता केंद्र (Centres of Excellence), असम में आईवीएफ लैब, तथा मेहसाणा, इंदौर और भीलवाड़ा में मिल्क पाउडर संयंत्र शामिल हैं। इसके साथ ही तेजपुर (असम) में फिश फीड प्लांट और विभिन्न राज्यों में कोल्ड चेन अवसंरचना का भी शुभारंभ किया गया।
₹815 करोड़ की परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई, जिनमें आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में एकीकृत कोल्ड चेन व मूल्य संवर्धन केंद्र, उत्तराखंड में ट्राउट फिशरीज, नागालैंड में इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क, पुडुचेरी में स्मार्ट फिशिंग हार्बर एवं ओडिशा के हीराकुंड में एडवांस एक्वा पार्क शामिल हैं।
सरकारी उपलब्धियाँ:
10,000 किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) में 50 लाख किसानों की सदस्यता।
राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन के अंतर्गत 50,000 किसानों का प्रमाणन।
10,000 से अधिक e-PACS एवं बहुउद्देशीय समितियों का संचालन।
10,000 PACS का रूपांतरण प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र (PMKSK) एवं कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के रूप में।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने देश के प्रमाणित किसानों, MAITRI तकनीशियनों एवं परिवर्तित PACS प्रतिनिधियों को प्रमाणपत्र वितरित किए तथा दाल उत्पादक किसानों से संवाद भी किया। जनपद के किसानों, अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने विकास भवन एवं अन्य केंद्रों में प्रधानमंत्री के लाइव संबोधन को बड़े उत्साह के साथ सुना।














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