पिथौरागढ़ जनपद में 130 पर्यावरण बटालियन के प्रस्तावित विस्थापन के विरोध में पूर्व सैनिक संगठन का धरना आज 39वें दिन भी पूरे जोश और संकल्प के साथ जारी रहा। लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को उठाने के बावजूद न तो प्रदेश सरकार और न ही केंद्र सरकार द्वारा कोई ठोस पहल किए जाने से पूर्व सैनिकों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
आज नवरात्रि के पावन अवसर पर अष्टमी के दिन पूर्व सैनिकों ने “बुद्धि-शुद्धि भजन” कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान विधिवत रूप से माँ भगवती की पूजा-अर्चना कर भजनों के माध्यम से सरकार को सद्बुद्धि देने और उनकी आंखें खोलने की कामना की गई।
पूर्व सैनिकों ने प्रार्थना की कि जनप्रतिनिधि उनकी समस्याओं को गंभीरता से समझें और इस मुद्दे पर शीघ्र सार्थक निर्णय लें।
पूर्व सैनिकों ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि अपनी जायज़ मांगों को लेकर उन्हें होली जैसे प्रमुख पर्व का त्याग करना पड़ा और अब नवरात्रि जैसे आस्था के पर्व पर भी वे अपने घर-परिवार और देवस्थलों से दूर धरने पर बैठने को मजबूर हैं। 
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारें सैनिकों के सम्मान और कल्याण की बड़ी-बड़ी बातें तो करती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उनकी समस्याओं के समाधान के प्रति उदासीन बनी हुई हैं।
पूर्व सैनिकों ने प्रदेश के जनप्रतिनिधियों पर भी गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि जब राज्य में सैनिक कल्याण मंत्री, मुख्यमंत्री (स्वयं को सैनिक पुत्र बताने वाले) और राज्यपाल जैसे पदों पर सैनिक पृष्ठभूमि से जुड़े लोग मौजूद हैं, तब भी उनकी समस्याओं का समाधान न होना अत्यंत निराशाजनक है।
साथ ही केंद्र स्तर पर भी उनकी आवाज़ को अनसुना किए जाने पर गहरी नाराज़गी व्यक्त की गई।
संगठन ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही इस विषय में सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो जनपद में आने वाले सभी जनप्रतिनिधियों और नेताओं का काले झंडों के साथ विरोध किया जाएगा।
आवश्यकता पड़ने पर पूर्व सैनिक दोबारा संघर्ष के लिए तैयार हैं।
आज के कार्यक्रम में संगठन के धर्मगुरु नवीन गुरुरानी जी के नेतृत्व में विधिवत पूजा-अर्चना और भजन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस अवसर पर उपाध्यक्ष रमेश सिंह,हर सिंह,ललित सिंह,सुरेश पुनेरा,गिरधर सिंह,आनंद सिंह सहित दर्जनों पूर्व सैनिक उपस्थित रहे और सभी ने एक स्वर में अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।














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