Home उत्तराखंड वडडा क्षेत्र में विशाल रैली, जनाक्रोश चरम पर सरकार को दी कड़ी चेतावनी
उत्तराखंडसमाज

वडडा क्षेत्र में विशाल रैली, जनाक्रोश चरम पर सरकार को दी कड़ी चेतावनी

73

उत्तराखंड राज्य के पिथौरागढ़ जनपद में चल रहा पर्यावरण बचाओ – सीमांत बचाओ आंदोलन अब व्यापक जनसमर्थन के साथ निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुका है। रविवार को वडडाक्षेत्र में इस आंदोलन के समर्थन में एक विशाल रैली का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, युवा, मातृशक्ति एवं पूर्व सैनिकों ने सैकड़ों की संख्या में भाग लेकर सरकार के निर्णय के प्रति गहरा आक्रोश व्यक्त किया।

कैप्टन दीवान सिंह सेना मेडल के नेतृत्व में यह रैली मढ़ेगांव स्थित शहीद स्मारक से प्रारंभ होकर बाजार क्षेत्र से होती हुई शहीद भुवन, चंद्र भट्ट शहीद द्वार तक पहुंची।

“पर्यावरण बचाओ – सीमांत बचाओ” और “भारत माता की जय” के नारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा। वाद्य यंत्रों और जोशीले नारों के साथ निकली इस रैली ने स्पष्ट संदेश दिया कि सीमांत के भविष्य से कोई समझौता स्वीकार नहीं होगा।

वक्ताओं ने कहा कि इस आंदोलन को उत्तराखंड राज्य आंदोलन की भावना के समान देखा जाना चाहिए। जिस प्रकार उत्तराखंड राज्य निर्माण के लिए जन-जन सड़कों पर उतरा था, उसी प्रकार आज सीमांत के अस्तित्व और पर्यावरण की रक्षा के लिए हर वर्ग मैदान में उतरने को तैयार है। यह केवल एक मांग नहीं, बल्कि अस्तित्व और भविष्य की लड़ाई है।

साथ ही धरना स्थल पर पूर्व सैनिकों का अनिश्चितकालीन धरना सातवें दिन भी मजबूती से जारी रहा। पूर्व सैनिक संगठन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शासन-प्रशासन और सरकार की ओर से अब तक कोई सकारात्मक पहल न होना अत्यंत चिंता का विषय है। यदि शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा तथा प्रत्येक क्षेत्र को इससे जोड़ा जाएगा।

आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में पूरे जनपद में चक्का जाम की तैयारी की जा रही है। इसकी रूपरेखा तैयार की जा रही है और जनमानस पूर्ण सहयोग के लिए तैयार है। यदि सरकार अब भी संवेदनशीलता नहीं दिखाती, तो उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों के लिए पूर्ण रूप से शासन-प्रशासन उत्तरदायी होगा।

आज के कार्यक्रम में लक्ष्मण सिंह, जीत सिंह,भूपेंद्र चंद, परमानंद भट्ट, शिवचंद प्रताप इग्राल आनंद राणा, नंदा सिंह, सुभाष भट्ट, दयाल सिंह, शेर सिंह, दीपा चुफाल सहित सैकड़ों पूर्व सैनिक एवं क्षेत्रीय जनमानस उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया कि सीमांत के भविष्य और पर्यावरण की रक्षा हेतु यह संघर्ष अंतिम निर्णय तक जारी रहेगा।

*यह आंदोलन अब जन-ज्वाला बन चुका है — सरकार समय रहते निर्णय ले, अन्यथा यह चेतावनी आने वाले व्यापक जनांदोलन का संकेत है।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

नाबालिग को बहला-फुसलाकर शोषण करने वाला आरोपी गिरफ्तार

पिथौरागढ़ थाना मुनस्यारी में एक व्यक्ति द्वारा सूचना दी गई कि उनकी...

पूर्व सैनिक संगठन द्वारा चलाया जा रहा धरना आज 61वें दिन भी जारी

उत्तराखंड – जनपद में पूर्व सैनिक संगठन द्वारा चलाया जा रहा धरना...

पिथौरागढ़ में अल्ट्रासाउंड केंद्रों का निरीक्षण, नियमों के पालन के दिए निर्देश

पिथौरागढ़, 17 अप्रैल 2026 — मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एस एस नबियाल...