Home उत्तराखंड होली के रंग फीके, जनपद के भविष्य की लड़ाई तेज — 130 पर्यावरण बटालियन के विस्थापन के विरोध में पूर्व सैनिकों का धरना 15वें दिन भी जारी
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होली के रंग फीके, जनपद के भविष्य की लड़ाई तेज — 130 पर्यावरण बटालियन के विस्थापन के विरोध में पूर्व सैनिकों का धरना 15वें दिन भी जारी

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  1. उत्तराखंड राज्य के पिथौरागढ़ जनपद के भविष्य और पर्यावरणीय सुरक्षा के प्रश्न को सर्वोपरि रखते हुए पूर्व सैनिक संगठन ने इस वर्ष होली का पर्व न मनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया।

    130 पर्यावरण बटालियन के प्रस्तावित विस्थापन के विरोध में चल रहा धरना आज 15वें दिन भी पूर्ण जोश और दृढ़ संकल्प के साथ जारी रहा।

    धरनास्थल पर वक्ताओं ने कहा कि जब पूरा देश होली के रंगों में सराबोर था, तब सीमांत जनपद के पूर्व सैनिक अपने क्षेत्र के अस्तित्व और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की रक्षा के लिए संघर्षरत थे।

    पूर्व सैनिकों ने जनप्रतिनिधियों की उदासीनता, प्रदेश सरकार की निष्क्रियता और केंद्र सरकार के उपेक्षापूर्ण रवैये की कड़ी निंदा की।

    उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक एवं निर्णायक रूप दिया जाएगा।

    वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सीमांत क्षेत्र की लगातार अनदेखी की जा रही है। जो राजनीतिक नेतृत्व चुनावों के समय सैनिकों के सम्मान और सीमांत विकास की बड़ी-बड़ी बातें करता है,

    आज वही 15 दिनों से धरने पर बैठे पूर्व सैनिकों की आवाज़ सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि 130 पर्यावरण बटालियन का विस्थापन केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि जनपद के भविष्य, रोजगार और पर्यावरणीय सुरक्षा पर सीधा प्रहार है।

    पूर्व सैनिकों ने इस निर्णय को सीमांत क्षेत्र की योजनाबद्ध उपेक्षा बताते हुए कहा कि यदि समय रहते इसे निरस्त नहीं किया गया, तो इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाएगा। वर्ष 2027 का संकेत देते हुए उन्होंने कहा कि जनभावनाओं की अनदेखी का परिणाम जनप्रतिनिधियों को भुगतना पड़ेगा।

    वहीं पूर्व सैनिक संगठन का एक प्रतिनिधि मंडल लगातार राजधानी पर डेरा डाले हैं इसी के तहत कल देर शाम मेजर ललित सिंह तथा कर्नल राजीव रावत साहब द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से भी इस बात को लेकर चर्चा की गई जिस पर समर्थ कार्रवाई की बात को कहा गया है।

    प्रतिनिधि मंडल जल्द ही इस मामले को मुख्यमंत्री से मिलकर उनके सामने रखने के लिए भी प्रयासरत है।
    आज धरने के दौरान एक मार्मिक दृश्य तब देखने को मिला जब 14 वर्षीय बालक कपिल पंत 16 किलोमीटर पैदल चलकर जनपद मुख्यालय पहुँचा और अपने भविष्य की रक्षा के लिए पूर्व सैनिकों के साथ धरने पर बैठ गया।

    उसकी इस पहल को उपस्थित सभी लोगों ने भावी पीढ़ी की जागरूकता और संघर्ष की प्रेरणादायक मिसाल बताया।

    धरने में आज अनेक पूर्व सैनिकों ने भाग लेकर आंदोलन को अपना समर्थन दिया और मांग की कि 130 पर्यावरण बटालियन के विस्थापन आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।

    पूर्व सैनिक संगठन ने एक स्वर में चेतावनी दी कि जब तक मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह आंदोलन निरंतर जारी रहेगा।
    — जारी कर्ता
    पूर्व सैनिक संगठन
    पिथौरागढ़,

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