पिथौरागढ़।
पूर्व सैनिक संगठन द्वारा 130 पर्यावरण बटालियन के प्रस्तावित विस्थापन के विरोध में चल रहा धरना आज 28वें दिन भी पूरे जोश, जुनून और संकल्प के साथ जारी रहा। आज धरना स्थल पर 17 कुमाऊँ रेजीमेंट (भदौरिया पलटन)* के पूर्व सैनिकों ने पहुँचकर आंदोलन को अपना नैतिक समर्थन प्रदान किया, जिससे धरने पर बैठे पूर्व सैनिकों में एक नया उत्साह और ऊर्जा देखने को मिला।
धरना स्थल पर लगातार बढ़ रहा समर्थन इस बात का प्रमाण बनता जा रहा है कि *यह आंदोलन केवल एक संगठन का नहीं बल्कि जनपद के सम्मान, पर्यावरण संरक्षण और युवाओं के भविष्य की लड़ाई है*। पूर्व सैनिकों ने 17 कुमाऊँ रेजीमेंट के इस जज़्बे की सराहना करते हुए कहा कि सैनिक एकता की यह मिसाल पूरे समाज के लिए प्रेरणा है।
पूर्व सैनिकों ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन का अमूल्य समय देश की सीमाओं की सुरक्षा और भारत की गरिमा की रक्षा में समर्पित किया है। ऐसे में अब उनका नैतिक कर्तव्य बनता है कि अपनी मातृभूमि, अपने जनपद और आने वाली पीढ़ियों के हितों की रक्षा के लिए आगे आएं। यह धरना केवल एक बटालियन को बचाने का संघर्ष नहीं बल्कि एक बेहतर और सुरक्षित जनपद के निर्माण का संकल्प भी है।
पूर्व सैनिकों ने युवाओं से भी अपील करते हुए कहा कि जिस भविष्य और रोजगार के लिए यह आंदोलन चल रहा है, उसमें युवाओं की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। समाज में बढ़ते राजनीतिकरण के कारण कई बार युवा सही और गलत का निर्णय नहीं कर पाते, लेकिन एक समृद्ध और सुरक्षित राष्ट्र के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। इसलिए युवाओं को भी इस जनहित के आंदोलन में आगे आकर अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
पूर्व सैनिकों ने यह भी कहा कि आने वाले समय में जनपद के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर और सेना भर्ती जैसी व्यवस्थाओं को जनपद में आयोजित कराने के लिए भी संगठित प्रयास किए जाएंगे।
इस अवसर पर 17 कुमाऊँ रेजीमेंट के अध्यक्ष सूबेदार मेजर बिशन सिंह साहब ने भी संगठन के इस संघर्ष की सराहना करते हुए कहा कि 17 कुमाऊँ के वीर सैनिक इस आंदोलन में हर कदम पर साथ खड़े रहेंगे और सैनिकों के गौरव व भविष्य की इस लड़ाई में अग्रिम पंक्ति में रहकर अपना योगदान देंगे।
विपरीत मौसम के बावजूद भी बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक धरना स्थल पर उपस्थित रहे और आंदोलन को 28वें दिन भी उसी उत्साह और संकल्प के साथ जारी रखा।
आज के इस धरने में सूबेदार मेजर विजय बहादुर कैप्टेन भूपेंद्र सिंह मोहन सिंह, भगवान सिंह सेना मेडल प्रकाश भट्ट संजय प्रसाद,हरीश उप्रेती सहित दर्जनों पूर्व सैनिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।














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