जनपद पिथौरागढ़ में 130 पर्यावरण बटालियन के प्रस्तावित विस्थापन के विरोध में पूर्व सैनिक संगठन का अनिश्चितकालीन धरना आज 12वें दिन भी निरंतर जारी रहा। धरना स्थल पर आज संगठन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों द्वारा आगामी रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई और आंदोलन को और अधिक प्रभावी एवं व्यापक बनाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में सर्वसम्मति से यह तय किया गया कि यदि सरकार द्वारा शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है, तो आंदोलन को सड़कों तक ले जाया जाएगा। इसी क्रम में जनपद के सभी सामाजिक संगठनों, व्यापार मंडलों, युवा संगठनों, महिला समूहों तथा विभिन्न घटक दलों को साथ लेकर एक विशाल जनरैली आयोजित करने की रूपरेखा तैयार की जा रही है। रैली की तिथि एवं विस्तृत कार्यक्रम शीघ्र घोषित किए जाएंगे।
पूर्व सैनिकों ने कहा कि जहां एक ओर पूरा प्रदेश होली के उल्लास में सराबोर है, वहीं सरकार के इस निर्णय ने सीमांत जनपद पिथौरागढ़ की खुशियों पर निराशा हुई है होली के रंग बेरंग हो गए है। पूर्व सैनिकों तथा जनमानस को पर्व के अवसर पर भी धरना स्थल पर बैठने के लिए विवश होना पड़ रहा है। यह स्थिति अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
संगठन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सैनिकों के सम्मान और उनके योगदान की अनदेखी करना सरकार की गंभीर विफलता है। सीमांत क्षेत्र की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर सरकार की उदासीनता जनभावनाओं को आहत कर रही है।
पूर्व सैनिक संगठन ने पुनः सरकार से मांग की है कि 130 पर्यावरण बटालियन के विस्थापन के आदेश को तत्काल निरस्त किया जाए और जनपद के हितों को सर्वोपरि रखा जाए। अन्यथा यह आंदोलन और व्यापक रूप धारण करेगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
आज धरने मे पूर्व सैनिक एडवोकेट रमेश कापड़ी, सीनियर सिटीजन के अध्यक्ष डी एन भट्ट, देवलथल क्षेत्र से किशन सिंह,सहित कैप्टेन जी एल बर्मा, दीप जोशी,राम दत्त पाठक, भूपाल महर, रमेश बिष्ट, अनूप कोरगा, प्रहलाद बोहरा, आनंद चौहान, ओम प्रकाश सामिल रहे














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