Home उत्तराखंड 130 पर्यावरण बटालियन के विस्थापन के विरोध में धरना 20 वे दिन कासनी के ग्रामीणों द्वारा दिया गया समर्थन
उत्तराखंडसमाज

130 पर्यावरण बटालियन के विस्थापन के विरोध में धरना 20 वे दिन कासनी के ग्रामीणों द्वारा दिया गया समर्थन

70

पिथौरागढ़ 130 पर्यावरण बटालियन के विस्थापन के विरोध में पूर्व सैनिक संगठन का धरना आज लगातार 20वें दिन भी पूरी मजबूती और संकल्प के साथ जारी रहा। अब यह संघर्ष केवल पूर्व सैनिकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह पूरे सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के अस्तित्व, पर्यावरण और भविष्य की लड़ाई बन चुका है।
धरने को समर्थन देने के लिए आज जनपद से सटे ग्राम सभा कासनी के लोगों ने बड़ी संख्या में एकजुट होकर गांव से बाइक रैली निकाली। मातृशक्ति, बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों ने एक स्वर में सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि 130 पर्यावरण बटालियन का विस्थापन किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। रैली शहीद चौक टकाना में एकत्र हुई और वहां से धरना स्थल तक पहुंचकर आंदोलन को अपना नैतिक समर्थन दिया।

इस दौरान ग्राम सभा कासनी द्वारा जिलाधिकारी के माध्यम से केंद्र सरकार और राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की गई कि इस निर्णय पर तुरंत रोक लगाई जाए। वक्ताओं ने कहा कि सीमांत क्षेत्र की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जुड़ी इस महत्वपूर्ण बटालियन को हटाने का निर्णय क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय है।

वक्ताओं ने सरकार की उदासीनता पर तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि यदि सीमांत क्षेत्र की जनता को बार-बार अनदेखा किया गया तो यह आंदोलन उग्र रूप लेने के लिए मजबूर होगा। सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिक और पूर्व सैनिक आज अपने ही क्षेत्र के भविष्य के लिए सड़क पर बैठने को मजबूर हैं, जो किसी भी सरकार के लिए शर्म की बात है।

लोगों ने स्पष्ट कहा कि चुनाव के समय घर-घर जाकर वोट मांगने वाले नेता आज इस संवेदनशील विषय पर चुप्पी साधे हुए हैं। यदि सरकार ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो जनता घर-घर जाकर ऐसे नेताओं और ऐसी सरकार के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाएगी।

अब यह आंदोलन गांव-गांव तक फैल चुका है। पूर्व सैनिक संगठन द्वारा जागृति अभियान चलाकर हर गांव से इसी प्रकार की रैलियां निकालने की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही पूरे जनमानस को साथ लेकर जनपद स्तर पर एक विशाल जनआंदोलन और बड़ी रैली आयोजित करने की तैयारी भी चल रही है, जिसकी तिथि शीघ्र घोषित की जाएगी।

वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि यह केवल एक बटालियन का विषय नहीं बल्कि पूरे जनपद पिथौरागढ़ के भविष्य का प्रश्न है। यदि इसके बावजूद भी सरकार ने विस्थापन का निर्णय वापस नहीं लिया तो आने वाले समय में पूरा जनपद उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होगा और इसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।

आज की विरोध रैली और धरने में
दयानंद भट्ट (अध्यक्ष, सीनियर सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन), एम.एल. वर्मा (सदस्य), राजू देवी (ग्राम प्रधान कासनी), कैलाश चंद्र (पूर्व प्रधान कासनी), जगदीश भट्ट, शंकर दत्त भट्ट, दीपा कसनियाल, चंद्रकला थावल, कैलाश चंद्र कापड़ी, कैप्टन देवी चंद (वीएसएम), हवलदार हर सिंह, हवलदार पूर्ण चंद्र जोशी, हवलदार श्याम दत्त, लेफ्टिनेंट रमेश बिष्ट सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण, मातृशक्ति, युवा और पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।

पूर्व सैनिक संगठन द्वारा स्पष्ट संदेश दिया गया कि — सीमांत की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
130 पर्यावरण बटालियन के विस्थापन को हर हाल में रोका जाएगा।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

पिथौरागढ़ 62वें दिन धरना स्थगित, प्रशासन के नैतिक आश्वासन पर पूर्व सैनिकों का निर्णय

पिथौरागढ़। 130 पर्यावरण बटालियन के प्रस्तावित विस्थापन के विरोध में पूर्व सैनिक...

पिथौरागढ़ में बाल विवाह शपथ और बाल विवाह रोकथाम हेतु गोष्ठी का आयोजन

उत्तराखंड निदेशालय महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास के आदेश क्रम में अक्षय...

नाबालिग को बहला-फुसलाकर शोषण करने वाला आरोपी गिरफ्तार

पिथौरागढ़ थाना मुनस्यारी में एक व्यक्ति द्वारा सूचना दी गई कि उनकी...