पिथौरागढ़
130 पर्यावरण बटालियन के विस्थापन के विरुद्ध पूर्व सैनिक संगठन अब निर्णायक एवं आक्रामक आंदोलन हेतु बाध्य*
जनपद पिथौरागढ़ में स्थापित 130 पर्यावरण बटालियन के विस्थापन के निर्णय के विरुद्ध पूर्व सैनिक संगठन अब आक्रामक और निर्णायक रूप में संघर्ष करने पर मजबूर हो चुका है। संगठन द्वारा स्पष्ट कर दिया गया है कि यह केवल पूर्व सैनिकों या युवाओं का विषय नहीं, बल्कि पूरे जनपद के अस्तित्व, पर्यावरण, हिमालय संरक्षण, सीमा सुरक्षा और पलायन रोकने से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील मुद्दा है।
पूर्व सैनिक संगठन द्वारा आज इस विषय पर व्यापक स्तर पर ज्ञापन प्रस्तुत करने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। इसी क्रम में—
उप जिलाधिकारी के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री जी को ज्ञापन प्रेषित किया गया।
विधायक पिथौरागढ़ मयूख महर तथा जिला पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र प्रसाद के माध्यम से के माध्यम से मुख्यमंत्री महोदय तथा केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री को ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।
संगठन द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया कि आगामी दिनों में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न स्तरों पर ज्ञापन देने का यह क्रम लगातार जारी रहेगा।
पूर्व सैनिक संगठन का स्पष्ट मत है कि 130 पर्यावरण बटालियन केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि यह जनपद की वन सुरक्षा, हिमालय संरक्षण, आपदा राहत कार्यों में त्वरित सहायता, पलायन रोकने, सीमांत सुरक्षा और स्थानीय युवाओं को जोड़ने वाली एक मजबूत कड़ी है।
ऐसे समय में जब जनपद को और अधिक पर्यावरणीय एवं सुरक्षा संसाधनों की आवश्यकता है, तब इस बटालियन का विस्थापन पूरे जनपद के लिए कुठाराघात है। यह निर्णय पिथौरागढ़ की जनता के भविष्य के साथ सीधा अन्याय है।
पूर्व सैनिक संगठन द्वारा स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि शीघ्र इस निर्णय को वापस नहीं लिया गया, तो दिनांक 16 फरवरी 2026 (सोमवार) से जनपद स्तर पर एक विशाल जन आंदोलन प्रारंभ किया जाएगा, जिसे जनपद के इतिहास का निर्णायक संघर्ष बताया गया है।
पूर्व सैनिक संगठन जनपद के सभी प्रबुद्ध नागरिकों, संस्थाओं, संगठनों, राजनीतिक दलों एवं आम जनमानस से अपील करता है कि वे इस मुद्दे पर संवेदनशील होकर एकजुट हों और इस आंदोलन में सक्रिय भागीदारी कर विस्थापन आदेश के विरुद्ध एक स्वर में आवाज बुलंद करें।














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