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130 पर्यावरण बटालियन विस्थापन के विरोध में पूर्व सैनिकों का धरना 36वें दिन भी जारी, समर्थन बढ़ा—आक्रोश तेज

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पिथौरागढ़।
130 पर्यावरण बटालियन के प्रस्तावित विस्थापन के विरोध में पूर्व सैनिक संगठन द्वारा चलाया जा रहा धरना आज 36वें दिन भी पूरे जोश, जज्बे और दृढ़ संकल्प के साथ जारी रहा।

लगातार बढ़ते समर्थन ने इस आंदोलन को और अधिक मजबूती प्रदान की है।


आज धरना स्थल पर कोर ऑफ इंजीनियर्स के पूर्व सैनिकों ने संगठन के अध्यक्ष राजेंद्र बल्लभ जोशी के नेतृत्व में पहुंचकर आंदोलन को अपना नैतिक समर्थन दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह लड़ाई केवल पूर्व सैनिकों की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के भविष्य और सम्मान से जुड़ी हुई है।

इसके साथ ही जागृति कॉलोनी के पार्षद पवन पाटनी एवं सीनियर सिटीजन संगठन के सदस्यों ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन व्यक्त किया और कहा कि कॉलोनी के नागरिक पूरी मजबूती के साथ पूर्व सैनिकों के इस संघर्ष में उनके साथ खड़े हैं।

पूर्व सैनिकों ने केंद्र एवं राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 36 दिन पूरे होने को हैं, लेकिन अभी तक उनकी समस्याओं और मांगों पर कोई सुनवाई नहीं की गई है। इसे सरकार की बड़ी विफलता बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार “कुंभकरण की नींद” में सोई हुई है, जिसे अब जगाने की आवश्यकता है।

संगठन ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही विस्थापन का निर्णय निरस्त नहीं किया गया, तो पूर्व सैनिक 2027 के चुनावों में जनप्रतिनिधियों को इसका जवाब देंगे और उन्हें आईना दिखाने का कार्य करेंगे।

नवरात्रि जैसे पवित्र अवसर पर भी पूर्व सैनिक अपने धार्मिक कर्तव्यों को छोड़कर धरना स्थल पर डटे हुए हैं, जो इस आंदोलन की गंभीरता और समर्पण को दर्शाता है। पूर्व सैनिकों ने विश्वास जताया कि देवभूमि के देवता स्वयं अन्याय के खिलाफ इस संघर्ष में न्याय दिलाने का मार्ग प्रशस्त करेंगे।

आज के धरने में मुख्य रूप से नीलाप सिंह, भुवन जोशी, गिरधर सिंह खनका, दिवान सिंह, उमेश फुलेरा, देवाकर बोहरा, सुन्दर सिंह, रमेश सिंह, भूपाल सिंह, महेंद्र सिंह, श्याम विश्वकर्मा, महेश शाही सहित अनेक पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।

*पूर्व सैनिक संगठन ने पुनः दोहराया कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक 130 पर्यावरण बटालियन के विस्थापन का निर्णय पूर्ण रूप से निरस्त नहीं किया जाता।

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