पिथौरागढ़ -130 पर्यावरण बटालियन के प्रस्तावित विस्थापन के विरोध में पूर्व सैनिकों का क्रमिक धरना आज रविवार 21वें दिन भी लगातार जारी रहा। धरना स्थल पर मौजूद पूर्व सैनिकों ने केंद्र सरकार, प्रदेश सरकार, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन की उदासीनता पर तीखे सवाल उठाते हुए जमकर आक्रोश व्यक्त किया।
पूर्व सैनिकों ने कहा कि जिस देश, प्रदेश और जनपद को अपने सैनिकों के सम्मान की समझ नहीं है, वहां सर्वोच्च पदों पर बैठे लोगों की संवेदनहीनता बेहद दुखद और शर्मनाक है। सैनिकों के साथ होली-दिवाली मनाने की बातें करने वाली सरकारें आज अपने घरों में तो त्योहार मना रही हैं, लेकिन 21 दिनों से धरने पर बैठे पूर्व सैनिकों की बेरंग हो चुकी होली और उनके सम्मान को देखने वाला कोई नहीं है।
पूर्व सैनिकों ने कहा कि यह केवल एक बटालियन का मुद्दा नहीं है, बल्कि सीमांत जनपद के भविष्य, पर्यावरण और युवाओं के सम्मान से जुड़ा हुआ प्रश्न है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार और जनप्रतिनिधि इस मुद्दे को इसी तरह नजरअंदाज करते रहे, तो इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाएगा।
धरना स्थल पर बोलते हुए पूर्व सैनिकों ने कहा कि देश के गृह मंत्री Amit Shah वर्ष 2027 में पुनः सरकार बनाने की बात करते हैं और उत्तराखंड को देवभूमि तथा सैन्यभूमि बताते हैं, लेकिन उसी सैन्यभूमि के सैनिक आज अपने ही जनपद में धरने पर बैठे हैं और उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। पूर्व सैनिकों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी आवाज नहीं सुनी गई तो 2027 में यही सैनिक घर-घर जाकर सरकार के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाने को मजबूर होंगे।
पूर्व सैनिकों ने यह भी कहा कि 130 पर्यावरण बटालियन इस जनपद के लिए एक धरोहर है, जिसे वर्षों पहले इस क्षेत्र को सौंपा गया था। आज इसे बचाने के लिए केवल कुछ पूर्व सैनिक ही संघर्ष कर रहे हैं, जबकि जनपद की बड़ी आबादी अभी भी उदासीन बनी हुई है। उन्होंने समाज से सवाल करते हुए कहा कि धीरे-धीरे हमारा वर्तमान और भविष्य हमसे छीना जा रहा है, और यदि आज भी समाज नहीं जागा तो आने वाला समय जनपद के लिए अनेक समस्याएं और अंधकार लेकर आएगा।
पूर्व सैनिक संगठन ने जनपद के सभी नागरिकों, युवाओं, बुद्धिजीवियों और सामाजिक संगठनों से अपील की कि अपने बच्चों और जनपद के भविष्य के लिए इस आंदोलन में आगे आएं, लोगों को जागरूक करें और इस लड़ाई को जनआंदोलन बनाएं। संगठन ने कहा कि अब समय आ गया है कि हर व्यक्ति अपने क्षेत्र और अपने भविष्य के लिए आवाज उठाए और सड़कों पर उतरकर इस संघर्ष में भागीदारी निभाए।
आज धरना स्थल पर आंदोलन को समर्थन देने वालों में कैप्टन धर्म सिंह रस्यूनी, कैप्टन भगवान सिंह बल्दिया नायब सूबेदार आनंद सिंह चौहान, कप्तान महेश चंद्र शाही, नायब सूबेदार केदार सिंह हवलदार पूरन जोशी, सूबेदार मेजर प्रहलाद सिंह बोहरा गिरधर सिंह खनका दिवाकर सिंह किशन सिंह मेहता कैप्टन विक्रम सिंह मेहता, सेना मेडल,जगदीश भट्ट सहित दर्जनों पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।
जय हिंद।














Leave a comment