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130 पर्यावरण बटालियन के विस्थापन के खिलाफ पूर्व सैनिकों का आंदोलन आज 19वें दिन भी उग्र तेवरों के साथ जारी

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पिथौरागढ़।

130 पर्यावरण बटालियन के विस्थापन के खिलाफ पूर्व सैनिकों का आंदोलन आज 19वें दिन भी उग्र तेवरों के साथ जारी रहा।

अब यह संघर्ष केवल एक बटालियन को बचाने का नहीं बल्कि सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के सम्मान, अस्तित्व और भविष्य की लड़ाई बन चुका है।

आज धरना स्थल पर उत्तराखंड क्रांति दल ने आधिकारिक रूप से आंदोलन को अपना समर्थन दिया। वहीं सीनियर सिटीजन संगठन तथा रामलीला कमेटी टकाना धारा धरने को अपना समर्थन दिया गया।

वही कोर ऑफ इंजीनियर के अध्यक्ष राजेंद्र जोशी साहब ने इसे सीमांत के स्वाभिमान का संघर्ष बताते हुए कहा कि आज की यह लड़ाई आने वाली पीढ़ियों का भविष्य तय करेगी।

धरने में मौजूद लोगों ने सरकार और प्रशासन की चुप्पी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि 19 दिनों से शांतिपूर्ण धरने पर बैठे पूर्व सैनिकों की आवाज को अनसुना करना सरकार की असंवेदनशीलता और हठधर्मिता को दर्शाता है। यह वही सैनिक हैं जिन्होंने देश की सीमाओं पर अपने जीवन का सर्वस्व न्यौछावर किया, लेकिन आज उन्हें अपने ही घर में अपनी धरोहर बचाने के लिए सड़क पर बैठना पड़ रहा है।

उत्तराखंड क्रांति दल के पूर्व विधायक काशी सिंह ऐरी ने कहा कि इस मुद्दे को केंद्रीय स्तर पर मजबूती से उठाया जाएगा और संभावित रक्षा मंत्री के उत्तराखंड दौरे के दौरान इस विषय को प्रमुखता से रखा जाएगा।

पूर्व सैनिकों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनरल बी.सी. जोशी द्वारा इस सीमांत जनपद को दी गई 130 पर्यावरण बटालियन केवल एक सैन्य इकाई नहीं बल्कि इस क्षेत्र की अमूल्य धरोहर और पहचान है।

*अगर इस धरोहर को छीनने की कोशिश की गई तो पूरा जनपद सड़कों पर उतरने को मजबूर होगा।

वही संगठन के इस पर्यावरण बटालियन के विरोध को लेकर जन चेतना कार्यक्रम के तहत गांव-गांव पर पहुंचने के कार्यक्रम पर
आज ग्राम पंचायत नाघर कुंडार के ग्रामवासियों द्वारा 130 पर्यावरण बटालियन के प्रस्तावित विस्थापन के विरोध में एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन ग्राम प्रधान श्री सुरेश भट्ट के नेतृत्व में आयोजित किया गया।

इस अवसर पर कैप्टन लक्ष्मण सिंह थापा, सरपंच नरेंद्र कुमार, पूर्व सैनिक कर्नल सिंह, तथा पूर्व सैनिक हिरामाई दत्त (86 वर्ष) सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, बुजुर्ग महिलाएँ और मातृशक्ति उपस्थित रही और आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाई। वक्ताओं ने कहा कि यह बटालियन क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय रोजगार और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, इसलिए इसका विस्थापन क्षेत्र के हित में नहीं है।

इसी क्रम में कल कासनी क्षेत्र से एक विशाल जन रैली निकाली जाएगी, जो कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपेगी। अब यह आंदोलन गांव-गांव और मोहल्लों तक ले जाया जाएगा।

पूर्व सैनिकों ने सरकार को सीधी और स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते इस निर्णय को वापस नहीं लिया गया तो 2027 के चुनाव में इसका जवाब जनता देगी। यह लड़ाई अब केवल सैनिकों की नहीं बल्कि पिथौरागढ़ के सम्मान और अस्मिता की लड़ाई है, और इसके लिए पूर्व सैनिक हर स्तर तक जाने को तैयार हैं।
धरने में सीनियर सिटीजन संगठन के उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह, गिरधर सिंह, भास्करानंद जोशी,उत्तराखंड क्रांति दल से राम सिंह, जगत सिंह, जनार्दन उप्रेती सहित पूर्व सैनिक संगठन से हरिनंदन जोशी,दिवाकर सिंह बोहरा,भुवन गड़कोटी,विक्रम चंद सहित दर्जनों पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।

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