पिथौरागढ़। पूर्व सैनिक संगठन का धरना आज 49वें दिन भी प्रकृति संरक्षण के संकल्प और अपने अधिकारों की मांग के साथ निरंतर जारी रहा। पूर्व सैनिक अपनी मांगों के प्रति पूर्ण रूप से मुखर रहते हुए आज भी शांतिपूर्वक धरने पर डटे रहे।
धरने के दौरान पूर्व सैनिकों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह संघर्ष केवल सीमांत क्षेत्र के अस्तित्व का नहीं, बल्कि आने वाले भविष्य की रक्षा का भी है। संगठन का मानना है कि यदि समय रहते इस विषय की गंभीरता को नहीं समझा गया, तो इसका खामियाजा पूरे जनपद को भुगतना पड़ेगा।
पूर्व सैनिकों ने जनप्रतिनिधियों पर भी गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ लोग जनता के बीच यह भ्रांति फैला रहे हैं कि इस बटालियन से उनका कोई सरोकार नहीं है, जबकि वास्तविकता यह है कि यह बटालियन केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि क्षेत्र के पर्यावरण, सुरक्षा और भविष्य की आधारशिला है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आज इस व्यवस्था को समाप्त किया गया, तो सीमांत जनपद से रोजगार के अवसर समाप्त होने के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन भी प्रभावित होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जनप्रतिनिधियों, प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार की होगी।
पूर्व सैनिकों ने कहा कि संगठन इस मुद्दे पर हर संभव प्रयास कर रहा है और जनजागरूकता के माध्यम से लोगों को इसके महत्व से अवगत करा रहा है।
इसी क्रम में आज धरना स्थल पर राज्य आंदोलनकारी श्री दिनेश गुरुरानी उपस्थित रहे। उन्होंने आंदोलन को पूर्ण समर्थन देते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए और इस मुद्दे पर शीघ्र ठोस निर्णय लेने की मांग की।
आज के धरने में कैप्टन शेर सिंह साही, आनंद सिंह, घनश्याम जोशी, श्याम सिंह, महादेव गिरी तथा नायब सूबेदार लाल सिंह खनका सहित अनेक पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।
पूर्व सैनिक संगठन ने पुनः शासन-प्रशासन से इस गंभीर विषय पर त्वरित एवं सार्थक पहल करने की अपील की है।














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