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नाबार्ड आरडीएफ योजनांतर्गत पॉलीहाउस निर्माण की समीक्षा, जिलाधिकारी ने दिए जवाबदेही तय करने के निर्देश

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नाबार्ड आरडीएफ योजनांतर्गत पॉलीहाउस निर्माण की समीक्षा, जिलाधिकारी ने दिए जवाबदेही तय करने के निर्देश

पॉलीहाउस निर्माण में देरी पर सख्त जिलाधिकारी, एजेंसी से मांगी प्रगति रिपोर्ट

काश्तकारों की समस्याओं पर गंभीर प्रशासन, पॉलीहाउस व सोलर फेंसिंग पर हुई समीक्षा बैठक

पिथौरागढ़
नाबार्ड की आरडीएफ योजनांतर्गत जनपद में निर्मित एवं प्रस्तावित पॉलीहाउसों की समीक्षा को लेकर आज कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी श्री आशीष भटगांई द्वारा की गई। बैठक में उद्यान एवं कृषि विभाग के संबंधित अधिकारी, तकनीकी कार्मिक तथा जनपद के विभिन्न विकासखंडों से आए काश्तकार उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान काश्तकारों द्वारा जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि वर्ष 2024–25 में पॉलीहाउस स्थापना हेतु विभाग को निर्धारित धनराशि जमा कर दी गई थी, किंतु लंबा समय बीत जाने के बावजूद अभी तक कई काश्तकारों के पॉलीहाउसों का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है। काश्तकारों ने यह भी बताया कि विभाग द्वारा जिस कंपनी को पॉलीहाउस निर्माण का दायित्व सौंपा गया है, उसके प्रतिनिधियों द्वारा न तो समय पर स्थल निरीक्षण किया जा रहा है और न ही किसी प्रकार की स्पष्ट जानकारी दी जा रही है, जिससे काश्तकारों में असंतोष व्याप्त है।
बैठक में उपस्थित काश्तकारों द्वारा सोलर फेंसिंग लगाए जाने से संबंधित प्रस्ताव भी विभाग के समक्ष रखा गया तथा इसे पॉलीहाउस योजना के साथ समन्वित करने की मांग की गई।
इस अवसर पर स्थानीय काश्तकार  संजय मल द्वारा अपने अनुभव साझा करते हुए बताया गया कि उन्होंने अपने पॉलीहाउस में सोलर सेंसिंग आधारित तारबाड़ स्थापित की है, जो प्रभावी सिद्ध हो रही है। उन्होंने बताया कि इस तकनीक से शाक-सब्जी एवं अन्य फसलों को जंगली जानवरों से नुकसान नहीं होता है तथा यह व्यवस्था अपेक्षाकृत कम लागत में तैयार हो जाती है। उन्होंने इसे अन्य काश्तकारों के लिए भी उपयोगी बताया।
जिलाधिकारी  आशीष भटगांई द्वारा मल के नवाचार की सराहना की गई तथा संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया कि इस प्रकार की तकनीकों का तकनीकी परीक्षण कर व्यवहारिकता का आंकलन किया जाए, ताकि भविष्य में अन्य काश्तकारों को भी इसका लाभ दिया जा सके। साथ ही जिलाधिकारी ने पॉलीहाउस निर्माण में हो रही देरी को गंभीरता से लेते हुए संबंधित एजेंसी की जवाबदेही तय करने, प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ काश्तकारों तक समयबद्ध रूप से पहुँचना चाहिए तथा इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
इस दौरान मुख्य कृषि अधिकारी अमरेन्द्र चौधरी, मुख्य उद्यान अधिकारी अभिनव कुमार, डीडीएम नाबार्ड सहित स्थानीय काश्तकार उपस्थित रहे।

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