पिथौरागढ़,
नाबार्ड उत्तराखंड क्षेत्रीय कार्यालय के मुख्य महाप्रबंधक ने 17 से 20 मार्च 2026 तक पिथौरागढ़ जिले का चार दिवसीय दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बैंकिंग क्षेत्र, एफपीओ, PACS, कृषि एवं पशुपालन परियोजनाओं तथा विभिन्न विकासात्मक हस्तक्षेपों का गहन स्थलीय निरीक्षण एवं समीक्षा की।
दौरे की शुरुआत उत्तराखंड ग्रामीण बैंक (UGB) क्षेत्रीय कार्यालय में समीक्षा बैठक से हुई, जहाँ क्षेत्रीय प्रबंधक ने पिथौरागढ़ एवं चंपावत जिलों के पिछले तीन वर्षों के प्रदर्शन की प्रस्तुति दी। 
मुख्य महाप्रबंधक ने बैंक के प्रयासों की सराहना करते हुए कृषि क्षेत्र में क्रेडिट प्रवाह बढ़ाने, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत पूर्ण संतृप्ति सुनिश्चित करने तथा SRLM के अंतर्गत SHG क्षमता निर्माण को सुदृढ़ करने पर बल दिया।
जिला सहकारी बैंक (DCCB) पिथौरागढ़ के मुख्यालय में हुई समीक्षा बैठक में मुख्य महाप्रबंधक ने PACS कंप्यूटरीकरण की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया तथा शेष PACS को शीघ्र ePACS-only स्थिति में लाने एवं dynamic day-end सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने 10% एवं 20% KCC घटकों के तहत ऋण वितरण बढ़ाने, DDUKKSY में 100% उपलब्धि और eKCC पोर्टल के व्यापक उपयोग पर भी विशेष जोर दिया।
मुख्य महाप्रबंधक ने मुनाकोट स्थित GI टैगयुक्त च्यूरांश ऑर्गेनिक इकाई, बीन की RIDF वित्तपोषित डीप लिटर पोल्ट्री हैचरी, FIDF एवं PMMSY के अंतर्गत निर्मित ट्राउट रेसवे, SRLM समर्थित ग्राम दुकान तथा छिपला केदार और बसुकीनाथ एफपीओ का स्थलीय निरीक्षण किया।
इन सभी स्थलों पर उत्पादन प्रक्रिया, विपणन संभावनाओं, मूल्य श्रृंखला विकास, डिजिटल प्लेटफॉर्म उपयोग, आजीविका संवर्धन तथा दीर्घकालिक स्थिरता पर विस्तृत चर्चा हुई।
जिला स्तरीय अधिकारियों (CAO, CVO, CHO, AD–Fisheries, ARCS) के साथ बैठक में राज्य सरकार की योजनाओं एवं संभावित अभिसरण अवसरों पर विचार-विमर्श किया गया। दौरे ने जिले में वित्तीय समावेशन, ग्रामीण विकास एवं उद्यमिता संवर्धन को बढ़ावा देने के प्रति नाबार्ड की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ किया।














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