पूर्व सैनिक संगठन, पिथौरागढ़ द्वारा 130 पर्यावरण बटालियन के प्रस्तावित विस्थापन के विरोध में चल रहा धरना आज 33वें दिन भी प्रतिकूल मौसम—लगातार बारिश और कड़ाके की ठंड—के बावजूद पूरे जोश, जज़्बे और दृढ़ संकल्प के साथ जारी रहा।

आज पुंगराऊँ घाटी क्षेत्र से पहुंचे पूर्व सैनिकों ने धरनास्थल पर उपस्थित होकर आंदोलन को अपना नैतिक समर्थन दिया। इस दौरान पूर्व सैनिकों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह आंदोलन अब एक व्यापक जनआंदोलन का रूप ले रहा है और हर क्षेत्र से एक “ज्वाला” बनकर उभरेगा। उन्होंने दोहराया कि किसी भी परिस्थिति में पीछे हटना स्वीकार नहीं होगा और जब तक विस्थापन का आदेश निरस्त नहीं किया जाता, यह संघर्ष और अधिक तेज़ एवं व्यापक स्तर पर जारी रहेगा।
धरने के दौरान पूर्व सैनिकों में सरकार के प्रति गहरा आक्रोश भी स्पष्ट रूप से देखा गया। वक्ताओं ने कहा कि कई पूर्व सैनिक गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के बावजूद प्रतिदिन दवाइयों के सहारे धरने में शामिल हो रहे हैं, जो इस आंदोलन की गंभीरता और उनके समर्पण को दर्शाता है। उन्होंने इसके लिए सरकार को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया।
पूर्व सैनिकों ने यह भी कहा कि सीमांत क्षेत्र के सैनिक, जिन्होंने देश की रक्षा में अपना जीवन समर्पित किया, आज अपने ही सम्मान और अस्तित्व की रक्षा के लिए धरने पर बैठने को मजबूर हैं। 33 दिन बीत जाने के बावजूद शासन-प्रशासन द्वारा कोई ठोस पहल न किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
संगठन ने सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि एक ओर सैनिकों के नाम पर बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं और “सैन्य प्रदेश” के सपने दिखाए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर पूर्व सैनिकों की मूलभूत मांगों की अनदेखी की जा रही है।
पूर्व सैनिक संगठन ने यह भी जानकारी दी कि इस आंदोलन को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से लगातार समर्थन मिल रहा है। संगठन द्वारा अन्य जनपदों के पूर्व सैनिकों से संवाद स्थापित कर आंदोलन को और सशक्त एवं व्यापक बनाने की रणनीति पर कार्य किया जा रहा है।
कल रक्षा मंत्री के हल्द्वानी दौरे के दौरान इस महत्वपूर्ण मुद्दे को उनके समक्ष प्रमुखता से उठाने की तैयारी की जा रही है। इसको लेकर पूर्व सैनिकों में आशा और उत्सुकता बनी हुई है। संगठन का मानना है कि यह मुद्दा अब प्रदेश और केंद्र स्तर पर निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है, और आगामी समय में सरकार का रुख स्पष्ट हो जाएगा।
धरने में आज पांखू क्षेत्र से सूबेदार मेजर उमेद सिंह कार्की, केशर सिंह महरा, द्वारा जाकर अपना नैतिक समर्थन दिया गया वहीं कैप्टन ललित सिंह (सेना मेडल), भगवान सिंह, आनंद सिंह, केदार सिंह, हयात सिंह, नवीन गुरुरानी सहित अनेक पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त सीनियर सिटीजन संगठन से गोविन्द सिंह बिष्ट, गिरधर सिंह बिष्ट, गिरधर सिंह खनका भी धरने में शामिल रहे।
जय हिंद














Leave a comment