उत्तराखंड राज्य की पिथौरागढ़ जनपद में स्थापित 130 पर्यावरण बटालियन को अन्यत्र स्थानांतरित किए जाने के प्रस्ताव के विरोध में अब तक शासन–प्रशासन द्वारा पूर्व सैनिक संगठन को कोई भी ठोस एवं भरोसेमंद आश्वासन नहीं दिया गया, जिससे पूर्व सैनिकों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
इसी उपेक्षा और संवेदनहीन रवैये के विरोध में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत आज मंगलवार, 27 जनवरी से पूर्व सैनिक संगठन द्वारा धरने का विधिवत आगाज किया गया। धरने की शुरुआत शहीद देवेंद्र चंद शौर्य चक्र चौक पर उनके स्मृति स्थल पर पुष्प अर्पित कर की गई।
इसके पश्चात पूर्व सैनिकों ने देशभक्ति नारों के साथ मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट धरना स्थल पहुंचकर जोरदार नारेबाजी के बीच शांतिपूर्ण लेकिन दृढ़ संकल्पित धरना प्रारंभ किया।
धरने को संबोधित करते हुए पूर्व सैनिकों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि
“अब यह आंदोलन आर–पार की लड़ाई बन चुका है। देश की सेवा में जीवन समर्पित करने वाले सैनिकों को धरने पर बैठने के लिए मजबूर किया जाना शासन की विफलता है। अब सरकार का दायित्व है कि वह शीघ्र और ठोस निर्णय ले, अन्यथा पूर्व सैनिक उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।”
पूर्व सैनिकों ने आम जनमानस से इस लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़े होने का आह्वान किया और कहा कि
पर्यावरण केवल सैनिकों की नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
यह अत्यंत पीड़ादायक है कि पर्यावरण संरक्षण में जुटी एक महत्वपूर्ण बटालियन के विस्थापन पर समाज का एक वर्ग मौन साधे हुए है।
साथ ही जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाते हुए कहा गया कि
पूर्व सैनिकों की इस जायज मांग को जनप्रतिनिधियों द्वारा नजरअंदाज किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।
यह उल्लेखनीय है कि
जनपद के इतिहास में यह पहली बार है जब पूर्व सैनिकों को अपने ही क्षेत्र में धरने पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ा है, जो शासन–प्रशासन के लिए आत्ममंथन का विषय होना चाहिए।
पूर्व सैनिक संगठन पिथौरागढ़ जनपदवासियों से विनम्र लेकिन सशक्त आग्रह करता है कि अधिक से अधिक संख्या में धरना स्थल पर पहुंचकर संगठन को सहयोग दें और सरकार व प्रशासन की आंखें खोलने में अपनी भूमिका निभाएं।
यह संघर्ष किसी व्यक्ति या संगठन का नहीं, बल्कि देश, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का है।
आज इस प्रदर्शन पर संगठन के उपाध्यक्ष रमेश सिंह महर, सचिव दयाल सिंह, l प्रमिला बोहरा,धर्म सिंह, श्याम विश्वकर्मा, किशन सिंह,शेर सिंह,दिवाकर सिंह,नवीन गुरुरानी,सहित कई पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।














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