पिथौरागढ़ 130 पर्यावरण बटालियन के विस्थापन के विरोध में पूर्व सैनिकों का आंदोलन – छठे दिन भी दिखा अभूतपूर्व जोश*
*सरकार को चेतावनी: मांगें नहीं मानी गईं तो 16 फरवरी से होगा उग्र आंदोलन*
जनपद पिथौरागढ़ में स्थापित 130 पर्यावरण बटालियन के विस्थापन के विरोध में पूर्व सैनिक संगठन द्वारा संचालित धरना आज छठे दिन भी पूरे जोश और दृढ़ संकल्प के साथ जारी रहा। रविवार होने के बावजूद पूर्व सैनिकों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी, बल्कि आज और अधिक संख्या में पूर्व सैनिक धरना स्थल पर पहुँचकर आंदोलन को मजबूती प्रदान करते नजर आए।
आज के धरने में जनपद ई.एम.ई. कोर के अध्यक्ष कैप्टन राजेंद्र सिंह द्वारा अपने कोर के सभी सदस्यों के माध्यम से आंदोलन को पूर्ण समर्थन दिया गया। इसके अतिरिक्त सीनियर सिटीजन समानता मंच के सदस्यों ने भी धरना स्थल पर पहुँचकर पूर्व सैनिकों की मांगों को अपना समर्थन दिया। प्रतिदिन दूर-दराज क्षेत्रों से पूर्व सैनिकों का लगातार धरना स्थल पर पहुँचना इस आंदोलन को और अधिक व्यापक तथा जनआंदोलन का रूप दे रहा है।
आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए आज जनपद पिथौरागढ़ के उप जिलाधिकारी जितेंद्र वर्मा महोदय धरना स्थल पर पहुँचे और संगठन के पदाधिकारियों से वार्ता की। उप जिलाधिकारी महोदय ने शासन, प्रशासन एवं सरकार के स्तर पर कुछ कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सार्थक कार्यवाही के आश्वासन के साथ धरना अस्थायी रूप से स्थगित करने का अनुरोध किया।
शासन-प्रशासन के आश्वासन को ध्यान में रखते हुए तथा सकारात्मक परिणाम की आशा में पूर्व सैनिक संगठन द्वारा कुछ दिनों के लिए धरना स्थगित किया गया है। संगठन ने स्पष्ट रूप से उप जिलाधिकारी महोदय से त्वरित एवं ठोस कार्यवाही करते हुए विस्थापन आदेश को निरस्त कराने की मांग रखी। उप जिलाधिकारी महोदय द्वारा इस विषय पर एक टीम के गठन की बात कही गई है, जो शासन, प्रशासन, सरकार एवं सेवा से संबंधित सभी पहलुओं पर विचार कर सार्थक परिणाम हेतु प्रयास करेगी।
पूर्व सैनिक संगठन ने पुनः स्पष्ट किया है कि 130 पर्यावरण बटालियन का विस्थापन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। यह विषय न केवल पूर्व सैनिकों, बल्कि पूरे जनपद की सुरक्षा, पर्यावरण एवं सम्मान से जुड़ा हुआ है।
चेतावनी:
यदि शीघ्र ही इस विषय पर कोई ठोस एवं सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो दिनांक 16 फरवरी से पूर्व सैनिक संगठन द्वारा उग्र आंदोलन प्रारंभ किया जाएगा। इस आंदोलन में जनपद का हर वर्ग, हर नागरिक सहभागी बनेगा और इसे पहले से कहीं अधिक वृहद एवं उग्र स्वरूप दिया जाएगा।
हालाँकि संगठन को अभी भी यह आशा है कि सरकार समय रहते जनभावनाओं का सम्मान करेगी और इससे पहले ही कोई सार्थक समाधान सामने आएगा।
आज के इस आंदोलन में सु मेजर उम्मेद सिंह, पर्मिला बोहरा गिरधर सिंह, प्रहलाद सिंह धन सिंह, गोपाल बोहरा, सुरेंद्र बोहरा,प्रेम चंद, लक्ष्मी ओझा, राजेंद्र जोरा, गोविन्द सिंह, श्याम विश्वकर्मा, शेर सिंह, कैप्टेन विक्रम सिंह सेना मैडल के साथ सैकड़ों पूर्व सैनिकों सहित बड़ी संख्या में आम जनमानस उपस्थित रहा।














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