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प्रकृति और मानव के बीच संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल करते हुए संत नारायण स्वामी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नारायण नगर द्वारा

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पिथौरागढ़

प्रकृति और मानव के बीच संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल करते हुए संत नारायण स्वामी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नारायण नगर* द्वारा *“नमामि गंगे”* अभियान के अंतर्गत *24 मार्च 2026* को *जौलजीबी में काली नदी एवं गोरी नदी* के पवित्र संगम स्थल पर रैली, जन-जागरूकता एवं स्वच्छता अभियान का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत *जागरूकता रैली* से हुई,

जिसमें छात्र-छात्राओं और स्थानीय लोगों ने
*“प्लास्टिक हटाओ—नदी बचाओ”,* *“स्वच्छ नदी—स्वस्थ जीवन”*
जैसे नारों के माध्यम से जन-जन को जागरूक किया। इसके बाद सभी प्रतिभागियों ने संगम स्थल पर उतरकर नदी में स्वच्छता अभियान चलाया और *कूड़ा-करकट, प्लास्टिक एवं अन्य अपशिष्ट पदार्थों* को एकत्रित कर स्वच्छता का संदेश दिया।

सभी ने मिलकर *गीले और सूखे कचरे* को अलग-अलग एकत्रित कर उसके उचित निस्तारण की व्यवस्था की, जिससे *पर्यावरण संरक्षण* के प्रति वैज्ञानिक दृष्टिकोण भी विकसित हुआ।

इस दौरान उपस्थित सभी लोगों ने स्वच्छता शपथ लेते हुए यह संकल्प लिया कि वे नदियों को प्रदूषण मुक्त रखने और प्लास्टिक का उपयोग कम करने के लिए निरंतर प्रयास करेंगे।

इस प्रेरणादायक कार्यक्रम में *“नमामि गंगे” के नोडल अधिकारी डॉ. दिनेश कोहली* एवं महाविद्यालय की *प्राचार्या प्रोफेसर डॉ. प्रेमलता कुमारी* का विशेष मार्गदर्शन रहा। *कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्या प्रो. डॉ. प्रेमलता कुमारी* ने कहा कि
*“नदियाँ हमारी संस्कृति और जीवन की धारा हैं, इन्हें स्वच्छ रखना हम सभी का नैतिक कर्तव्य है।”*


कार्यक्रम में *व्यापार संघ अध्यक्ष श्री धीरज धर्मशक्तू, ग्राम प्रधान श्री ललित अवस्थी, प्रधानाचार्य पूनम ग्वाल,* विद्यालय परिवार, छात्र-छात्राएं एवं *स्थानीय नागरिकों* की सक्रिय भागीदारी ने इस अभियान को सफल बनाया।

अंत में नोडल अधिकारी डॉ. दिनेश कोहली ने महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकों कर्मचारियों ,छात्र-छात्राओं, जौलजीबी व्यापार संघ के सदस्यों ग्रामप्रधान जौलजीबी, एवं समस्त स्थानी जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महाविद्यालय द्वारा प्राचार्या के कुशल नेतृत्व में ऐसे जनहितकारी कार्य निरंतर किए जा रहे हैं, जो समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
यह अभियान केवल एक दिन की गतिविधि नहीं, बल्कि एक सशक्त संदेश है—
*“जब जागेगा जन-जन, तभी स्वच्छ होंगी हमारी नदियाँ और सुरक्षित होगा हमारा भविष्य।”*

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