पिथौरागढ़।
संस्कृत भारती द्वारा विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज पिथौरागढ़ में आयोजित प्रांत स्तरीय आवासीय प्रबोधन वर्ग में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक डॉ. शैलेंद्र का प्रेरणादायी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। उनके आगमन से प्रबोधन वर्ग का वातावरण उत्साह, ऊर्जा और सकारात्मक संकल्प से परिपूर्ण हो गया।
अपने उद्बोधन में डॉ. शैलेंद्र ने कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और संस्कारों की संवाहिका है। उन्होंने दैनिक जीवन में संस्कृत के अधिकाधिक प्रयोग पर बल देते हुए कहा कि संवाद की भाषा बनने पर ही संस्कृत का वास्तविक पुनरुत्थान संभव है।
उन्होंने युवाओं से अनुशासन, सेवा और राष्ट्रभाव को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया तथा संघ कार्य और संस्कृत के ऐतिहासिक व सांस्कृतिक संबंधों पर प्रकाश डाला। उनके विचारों से प्रतिभागियों में संस्कृत बोलने और समझने के प्रति नया आत्मविश्वास जागृत हुआ।
उल्लेखनीय है कि यह आवासीय प्रबोधन वर्ग पिथौरागढ़ में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न वर्गों के प्रतिभागी संवादात्मक पद्धति से संस्कृत भाषा का अभ्यास कर रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों द्वारा अतिथि के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर संस्कृत भारती के प्रांत मंत्री गिरीश तिवारी, प्रांत संगठन मंत्री गौरव शास्त्री, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक वतन कुमार, जिला विद्यार्थी प्रमुख संदीप जोशी,नवीन जी, प्रकाश जी, संस्कृत भारती के जिला मंत्री डॉ. रघुनाथ भट्ट, जिला प्रचार प्रमुख डॉ. गोपेश पाण्डेय, जिला शिक्षण प्रमुख मनोज कुमार पाण्डेय, जिला सह मंत्री धरमराज भट्ट, गीता शिक्षण प्रमुख पवन पाठक, नगर संयोजक डॉ. गणेश उपाध्याय, जिला सह संयोजक राहुल सिंह, पूर्व विस्तारक ज्योति प्रकाश जी, प्रियांशु उप्रेती, संतोष कापड़ी सहित अनेक कार्यकर्ता एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।














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