पिथौरागढ़
कारगिल युद्ध के वीर योद्धा एवं 7 कुमाऊं रेजीमेंट से सेवानिवृत्त सूबेदार खुसाल सिंह बोथयाल का कल प्रातः हृदय गति रुकने से 70 वर्ष की आयु में आकस्मिक निधन हो गया। 
वे मूल रूप से मुनस्यारी के निवासी थे तथा वर्तमान में दौला में निवासरत थे।
स्वर्गीय सूबेदार खुसाल सिंह बोथयाल वर्ष 1974 में भारतीय सेना की 7 कुमाऊं रेजीमेंट में भर्ती हुए। अपने गौरवपूर्ण सैन्य कार्यकाल के दौरान उन्होंने ऑपरेशन विजय (कारगिल युद्ध), ऑपरेशन पवन, ऑपरेशन रक्षक सहित अनेक महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों में सक्रिय सहभागिता निभाई। उन्होंने जम्मू-कश्मीर, असम, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश एवं राजस्थान जैसे दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों में राष्ट्र सेवा करते हुए अपना अमूल्य योगदान दिया। वर्ष 2002 में वे सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त हुए।
सेवानिवृत्ति के पश्चात भी वे सामाजिक क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहे तथा पूर्व सैनिक संगठन पिथौरागढ़ के एक समर्पित एवं सक्रिय सदस्य के रूप में संगठनात्मक गतिविधियों में योगदान देते रहे। सरल, मिलनसार एवं कर्तव्यनिष्ठ व्यक्तित्व के कारण वे सभी के बीच अत्यंत सम्मानित थे।
उनके निधन पर पूर्व सैनिक संगठन पिथौरागढ़ के माध्यम से आज प्रातः पूर्व सैनिकों द्वारा दौला स्थित उनके आवास पर पहुँचकर तिरंगा अर्पित कर,श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। इस अवसर पर सूबेदार मेजर प्रहलाद सिंह बोहरा द्वारा संगठन की ओर से पुष्पचक्र अर्पित किया गया। वहीं पार्थिव शरीर के मुनस्यारी पहुँचने पर पूर्व सैनिक संगठन मदकोट मंडल द्वारा भी उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।
पूर्व सैनिकों एवं समाज के लोगों ने उनके निधन को पूर्व सैनिक समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। पूर्व सैनिक संगठन पिथौरागढ़ ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है।
स्वर्गीय सूबेदार खुसाल सिंह बोथयाल एक कर्तव्यनिष्ठ, साहसी एवं अनुशासित सैनिक थे। उनका जीवन राष्ट्रसेवा, त्याग और अनुशासन का प्रेरणास्रोत रहेगा।
पूर्व सैनिक संगठन के माध्यम से आज श्रद्धांजलि कार्यक्रम पर सूबेदार मेजर दिवाकर बोहरा, श्याम विश्वकर्मा शेर सिंह ,ललित सिंह सेना मेडल, भुपाल सिंह,भगवान सिंह,मंगल सिंह,पान सिंह शाही सहित अन्य पूर्व सैनिक तथा आम जनमानस उपस्थित रहे।














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