पिथौरागढ़
जनपद में 130 पर्यावरण बटालियन के प्रस्तावित विस्थापन के विरोध में पूर्व सैनिकों का धरना आज छठे दिन भी पूरे जोश और अनुशासन के साथ जारी रहा। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक एवं मातृशक्ति धरना स्थल पर पहुंचीं और एक स्वर में यह संकल्प दोहराया कि लक्ष्य की प्राप्ति तक आंदोलन इसी प्रकार शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित रूप से जारी रहेगा।
धरना स्थल से वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि अब इस आंदोलन को जन-जन से जोड़ने के लिए व्यापक रणनीति तैयार कर ली गई है। आने वाले दिनों में इसे गांव–कस्बों तक विस्तार दिया जाएगा, ताकि प्रत्येक क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
इसी क्रम में कल रविवार, 22 फरवरी को वडडा क्षेत्र* में एक वृहद विरोध रैली का आयोजन कैप्टन दीवान सिंह, सेना मेडल के नेतृत्व में किया जा रहा है। क्षेत्र से इस रैली को अत्यंत उत्साहजनक समर्थन प्राप्त हो रहा है और कल यह बेहद बड़ी और सफल रैली होगी और साथ ही कल बड़ी संख्या में नागरिकों की सहभागिता की अपेक्षा की गई है।
पूर्व सैनिक संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले सप्ताह में विरोध रैलियों का क्रम प्रत्येक गांव और मोहल्ले से जारी रहेगा। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि शीघ्र ही कोई सार्थक एवं सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर सड़कों पर उतरकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष तेज कर और उग्र रूप किया जाएगा। ऐसी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन और सरकार की होगी।
आज आयोजित प्रदर्शन में कैप्टन रमेश चंद, मनोहर सिंह, गणेश चंद, आनंद राणा, विजेंद्र सिंह, उम्मेद सिंह, विक्रम सिंह, त्रिलोक सिंह, सूबेदार मेजर सुरेश पुनेरा, सेना मेडल सहित दर्जनों पूर्व सैनिक एवं मातृशक्ति की गरिमामयी उपस्थिति रही।
पूर्व सैनिकों ने पुनः दोहराया कि यह आंदोलन किसी व्यक्तिगत स्वार्थ का नहीं, बल्कि जनपद के भविष्य, युवाओं के रोजगार और सीमांत क्षेत्र की सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा जनआंदोलन है।
*“पर्यावरण बचेगा – सीमांत बचेगा, तभी जनपद का भविष्य सुरक्षित रहेगा।”














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