चंपावत- जिले के तल्लादेश क्षेत्र में युवाओं के लोकप्रिय नेता के रूप में उभरकर सामने आ रहे भाजपा पूर्व मंडल अध्यक्ष कमल रावत को हाईकोर्ड से बड़ी राहत मिली है।
वर्ष 2023 में नाबालिक से दुष्कर्म के मामले में उन्हें हाईकोर्ट ने बरी करते हुए केश को समाप्त कर दिया है।
जिसके बाद कमल रावत के समर्थकों में काफी खुशी का माहौल है।
मामला 2023 का है जब वह तल्लादेश के मंडल अध्यक्ष के पद पर थे।
शनिवार को मिली जानकारी के अनुसार दिसंबर 2023 में चंपावत कोतवाली में पूर्व मंडल अध्यक्ष व पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष कमल रावत के खिलाफ पॉक्सो की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ।
जिसके बाद उन्हें जेल भेजा दिया गया। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और न्याय के लिए हाईकोर्ट पहुंच गए। नैनीताल हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ में हुई सुनवाई में कमल रावत पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद पाए गए जिसके चलते उनके केश को यहीं पर खत्म करते हुए एफआईआर को रद्द कर दिया गया है।
प्रेस वार्ता करते हुए पूर्व मंडल अध्यक्ष कमल रावत ने प्रेस वार्ता करते हुए बताया कि उनके राजनीतिक कैरियर को खराब करने के लिए कुछ चुनिंदा लोगों ने उन्हें बेबजह इस केस में फसाया गया।
कहा कि भगवान के घर देर है अंधेर नहीं आंखिरकार उन्हें न्याय मिला और सत्य की जीत हुई। उन्होंने कहा कि जिस केस से उनका कोई लेना देना नहीं था उन्हें इस केस में जबरदस्ती फंसाया गया था। जिसके चलते उन्हें आज हाईकोर्ट ने राहत दी है। इधर कमल रावत को बरी होने के बाद उनके समर्थकों में काफी खुशी देखने को मिल रही है।
कयास लगाए जा रहे हैं कि आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में कमल रावत चंपावत विधानसभा से मैदान में उतर सकते हैं।














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